मंगलवार, 9 अप्रैल 2013

मल्लू रेशमा के साथ वो रात

अभी अभी सिंगापोर का टूर ख़तम करके आया था| अब जैसे ही वो वापस भारत आया| बहोत आराम करना चाहता था| दो दिन घर में निकलने के बाद और पूरा वक्त बीवी के साथ बिताने के बाद उसने अपने दोस्त रवि को फोन किया|
क्योंकि रवि बहुत जिंदादिल इन्सान था| और उसको बहोत सारे आंटी और मल्लू के अड्डे जानता था|
आज वो रौनक को मल्लू रेशमा के पास लेकर जानेवाला था| वो उसको लेकर गया
रेशमा के अड्डे पर. हमेशा की तरह रेशमा ने उनका मुस्कुराते हे हुए उनका स्वागत किया| उसने भगवे और हरे रंग का फ्लोरल लेकिन बहुत सुन्दर और बदन को कसता हुआ पंजाबी ड्रेस पहेनी थी| उसका गला इतना बड़ा था की उसमे से उसकी चुचे बाहर निकल आई थी|  उसको देखकर रौनक का लैंड उसके पंट से बाहर आने की कोशिश कर रहा था| उसको अब रहा नहीं जा रहा था|
रेशमा ने उसको अन्दर स्नान कक्ष में लेकर गयी और दोनों ही शावर के निचे चले गए और फिर क्या चालू हुआ प्रणय और सम्भोग का सिलसिला| उन्होंने एक दूसरेको मसाज करना चालू किया| और फिर रौनक ने उसके स्तन को मसलना चालू किया और उसको अपना मुह लगाया और उसका प्राशन करने लगा|  उसको ये अनुभव पूरा नया था| देखते देखते रेशमा ने भी उसके लवडे को अपने मुह में लिया और मजा उठाने लगी|
करते करते फिर लैंड को रेशमा की पूची में डाला और खड़े खड़े चोदने लगा|
ये अनुभव एकदम मल्लू रेशमा के स्टेल में था
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