बुधवार, 3 फ़रवरी 2016

मेरी सास बिल्कुल नंगी खड़ी


यह कहानी आज से कोई 3 साल पहले की है। शादीशुदा होने के बाद भी मैं अपनी बीवी से खुश नहीं था क्योंकि वह मेरे साथ सेक्स तो करती पर पूरी तरह से नहीं। मैं उसके साथ ठीक से मज़ा नहीं कर पा रहा था और इसी वजह से हमारे बीच तनाव बना रहता था।
इसी बीच मुझे मेरे ससुराल जाने का मौका मिला। मेरी ससुराल मैं मेरे ससुर और सास ही हैं। हमारे वहाँ पहुँचते ही मेरा स्वागत किया गया।
शाम का खाना खाने के बाद मैं अपने ससुर जी बात करने लगा और मेरी बीवी मेरी सासु माँ के साथ रसोई में काम कर रही थी। फिर हम सभी लोग थोड़ी देर बात करने के बाद सोने चले गए।मेरी बीवी हमेशा की तरह सेक्स में रूचि ना लेते हुए सोने लगी लेकिन मैं भी उसे बिना सेक्स किये कैसे सोने देता। मैं गाउन के ऊपर से ही उसके बोबे दबाने लगा, उसे कुछ होने लगा लेकिन सेक्स मैं रूचि नहीं होने की वजह से उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं की।
मैं भी इतनी जल्दी हार नहीं माने वाला था, मैं कोशिश करके उसका गाउन निकाल दिया और अपने भी सारे कपड़े उतार दिए। अब मैं बिल्कुल नंगा और वह सिर्फ पेंटी में थी। उसने ब्रा नहीं पहनी थी।
मैं धीरे-धीरे उसके बोबे दबाने लगा और बीच-बीच में चूसता भी जा रहा था। पर उसकी तरफ से कोई प्रत्युत्तर नहीं मिल रहा था। यह सब होने के बाद मुझे बहुत गुस्सा आया क्योंकि मेरा लंड कड़क हो चुका था और मैं प्यासा ही था।
हमारी बहस शुरू हो गई। हमारी बहस से शायद मेरी सासु माँ जाग गई थी और वो हमारे कमरे की खिड़की से हमें देख रही थी। उस वक्त भी मैं बिल्कुल नंगा और मेरी बीवी सिर्फ पेंटी में थी। मुझे इस बात का पता कुछ देर बाद चला जब अचानक मेरी नजर खिड़की पर पड़ी। पर मैंने देख कर भी अनदेखा कर दिया जिसकी वजह से वो बहुत देर तक छुप-छुप कर खिड़की से देखती रही और हमारा झगड़ा सुनती रही।
बहुत देर तक बहस करने बाद मैं अपने आप को शांत करने के लिए उठा और मुझे देख मेरी सास अपने कमरे में चली गई जो हमारे कमरे से लगा हुआ ही था। मैं जानता था कि मेरी सास अभी कमरे में गई हैं, मैंने जानबूझ कर बाथरूम का दरवाजा बंद नहीं किया सिर्फ थोड़ा सा टिका दिया और मैं मुठ मारने लगा। सासु माँ के कमरे से बाथरूम साफ़ दिखाई देता था। मैंने देखा कि सासु माँ के कमरे का दरवाजा थोड़ा सा खुला हुआ है। मैंने उधर ना देखते हुए मुठ मारना जारी रखा।
करीब 10 मिनट बाद मैंने अपना माल बाथरूम में छोड़ दिया। बाथरूम साफ़ करने के बाद मैं अपने कमरे में आ गया और नंगा ही सो गया। सुबह जब उठा तो मैंने देखा कि मेरी सास मुझसे बात करने में कुछ हिचकिचा रही हैं और मेरी तरफ ठीक देख भी नहीं रही हैं। मैं रात वाली बात जानते हुए भी अनजान बना रहा।
सुबह के काम और नाश्ता करने के बाद मेरी बीवी मुझसे बाजार जाने के लिए कहने लगी पर मैं रात वाली बात से गुस्सा था इसलिए मैंने उसे मना कर दिया। वो मेरे ससुर जी के साथ बाजार चली गई। चूँकि मेरा ससुराल शहर से थोड़ा दूर था इसलिए मेरे ससुर जी ने अकेले जाने से मना कर दिया और वो मेरी बीवी को लेकर चले गए।
उनके जाने के बाद मैं टीवी देखने लगा और मेरी सास रसोई में काम कर रही थी। कुछ देर बाद मेरी सास मेरे पास आई और बैठ गई पर कुछ बोल ना पाई।
मैं समझ गया कि रात को जो कुछ देखा और सुना इस वजह से बात नहीं कर पा रही हैं। मैं बिना कुछ बोले टीवी देख रहा था।
कुछ देर सोचने के बाद वो बोली- मैंने रात को तुम्हारी बातें सुनी।
यह सुनकर मैंने अनजान होने का नाटक किया और चौंक गया।
वो थोड़ी देर तक कुछ नहीं बोली।
फिर पूछा- यह सब रोज होता है?
मैंने सर झुकाकर शरमाने का नाटक किया और बोला- रोज तो नहीं पर अक्सर होता है।
यह सुनकर वो बोली- मेरी बेटी नादान है, अभी छोटी है, धीरे-धीरे समझ जाएगी।
मैं यह सुनकर थोड़ा गुस्से में बोला- कब? जब उमर निकल जाएगी तब?
यह सुनकर वो कुछ नहीं बोली।
फिर मैंने कहा- आपने शादी से पहले समझाया नहीं कि अपने पति को नाराज़ नहीं करना चाहिए।
वो बोली- समझाया तो था पर...........!
इतना बोल कर रुक गई।
मैं थोड़ा और गुस्सा होते हुए कहा- अब मैं क्या करूँ? बीवी साथ देती नहीं है, बाहर जा नहीं सकता, बदनामी का डर है। बस अपना मन मार कर रह जाता हूँ।
वो कुछ नहीं बोली और चुपचाप अपने कमरे में चली गई।
थोड़ी देर बाद अन्दर से आवाज़ आई- मयंक जी !
मैं अन्दर गया तो जो मैंने देखा, देखकर मेरे तो होश उड़ गए। समझ नहीं आ रहा था कि खुश होऊँ या बाहर चला जाऊँ। मैंने देखा कि मेरी सास बिल्कुल नंगी खड़ी हैं।
मैंने पूछा- यह सब क्या है?
वो बोली- मेरी बेटी की सजा मैं भुगतने को तैयार हूँ।
मैं समझ गया कि वो क्या कह रही हैं, अपनी सास को चोदने की मेरी इच्छा तो शादी के समय से थी पर मौका नहीं मिला और फिर है तो सास ही ना।
मेरी सास का फिगर है 36-34-38 थोड़ी मोटी जरुर हैं पर है मस्त। उम्र होगी कोई 48 के करीब। पुराने जमाने में शादी जल्दी हो जाने की वजह से बच्चे भी जल्दी हो जाते थे। मेरी बीवी का जन्म हुआ तब मेरी सास की उम्र होगी करीब 22 साल।
खैर मैं भी सबकुछ भूलकर लगा अपने कपड़े उतारने। मैं यह मौका नहीं खोना चाहता था। वो मेरे लंड को ध्यान से देख रही थी।
मैंने मेरी सास से कहा- जब सजा भुगतने को तैयार हो तो ठीक से ही भुगतो ना !
वो बोली- जैसा तुम कहोगे मैं वैसा ही करुँगी।
मैंने उसे पलंग पर लिटाया और हम 69 की अवस्था में आ गए। पहले तो उसने मेरा लंड चूसने से मना कर दिया पर मेरे जोर देने पर चूसने लगी और मैं उसकी चूत चाट रहा था।
थोड़ी देर तक यह सब करने बाद मैंने कहा- अब मैं तुम्हें चोदूँगा ! तुम तैयार हो?
वो बोली- हाँ।
मैं उसकी टांगों के बीच बैठ गया और अपना 8 इंच का लंड उसकी चूत में घुसाने लगा। चूँकि वो बहुत सालों के बाद चुदवा रही थी इसलिए उसकी चूत एकदम नई चूत की तरह कसी हो गई थी। मैंने एक जोरदार झटका मारा तो मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया और उसे थोड़ा सा दर्द होने लगा।
मैं थोड़ी देर रुका और उसके बोबे चूसने लगा। फिर मैंने एक और झटका दिया और अपना पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया। फिर मैंने धीरे-धीरे चुदाई शरू की। कुछ देर बाद उसे भी मजा आने लगा और वो मेरा साथ देने लगी।
यह देख मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी। थोड़ी देर बाद वो झड़ गई पर मैंने अपना काम जारी रखा। करीब 20 मिनट तक चोदने के बाद मुझे लगा कि मैं झड़ने वाला हूँ। तब तक मेरी सास तीन बार झड़ चुकी थी।
मैंने अपनी सास से कहा- मैं झड़ने वाला हूँ, अपना लंड निकाल लूँ क्या?
वो बोली- डरने की कोई बात नहीं है, अब मैं माँ नहीं बनूँगी, तुम मेरी चूत में अपना माल भर दो।
यह सुनकर मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी और 10-12 झटकों के बाद मैंने अपना सारा माल अपनी सास की चूत में छोड़ दिया।
थोड़ी देर तक वैसे ही रहने के बाद मेरी सास बोली- उठो, कोई आ जायेगा।
मैं उठा और कपड़े पहनकर टीवी देखने दूसरे कमरे में चला गया। थोड़ी देर बाद मेरी सास भी कपड़े पहनकर आ गई और बोली- मेरी बेटी तो बिल्कुल नादान है पर तुम जब चाहो तब उसकी भूल की सजा मुझे दे सकते हो।
यह सुनकर हम दोनों हँसने लगे।

गुरुवार, 28 जनवरी 2016

देसी लड़की को सर्वे के बहाने


किसी देसी लड़की की चूत का स्वाद लिए बहुत दिन हो गए थे। तो उस समय मै और हमारे दोस्त एमबीए की फ़िल्ड विजिट, मतलब कि इमर्जन विजिट में गए हुए थे। यह विजिट एलाहाबाद जिले के एक पहाडी गाव में गरीबी की समस्या पर स्टडी करने के लिए कराई गई थी। हमारे साथ तीन और लड़के और दो लड़किया भी थी। लड़को का नाम था अंकुश, अभि और पिट। मै बेलन भी साथ में था। हम उम्मीद कर रहे थे कि इस बार चोदने के लिए कोई न कोई देसी मस्त माल मिल जाएगी।
और सर्वे करने के बहाने हम जिस गांव में गए, वह बड़ा ही मस्त था। जिधर देखो मोटी गांड मटकाती, बडे चूंचे दिखाती गदराई जवानी वाली छोरिया टहल रही थी। क्या बात है उस गांव में घुसते ही हम चारो दोस्तो के लंड खड़े हो गए। अब बारी थी सर्वे के बहाने चुदाई करने की। हम ऐसे घर की तलाश में थे जिसमें बस एक लड़की या उसकी मां हो। और संयोग से एक ऐसा घर मिल ही गया। हम जिस घर के सामने खड़े थे उसमें से 35 साल की एक आंटी निकली और उसके पीछे 19 साल की उसकी बेटी। मेरे दोस्त अभि की नजरे तो उस आंटी के चूंचो पर ही टिकी थी। खैर हमने बताया कि सरकारी प्लान है थोड़ी आपकी पूछताछ करेंगे और फ़िर आपको फ़ंड मिल जाएगा। वो खुश हो गई
मैने अभिशेक को आंटी से पूछताछ जारी रखने को कहा। आंटी भी फ़रकट थी उसने अपना आंचल गिरा दिया था और जमीन पर ही बैठ अपने चूंचे दिखा रही थी। उसने अपनी साड़ी घुटने तक चढा रखी थी और पैर पसार के बैठी थी जिससे कि उसके चूत के दर्शन कभी भी हो सकते थे। मतलब कि अभि का काम कभी भी बन् सकता था। उसके पति कही बाहर रहते थे। हमने उसकी बेटी मोनिका से उसके पढ़ाई का सर्वे जारी रखा।
अभि ने आंटी को पता नही क्या पूछ लिया वह उससे लिपट गई और रोने लगी, अभि उसे सहारा देकर बेड रूम में ले गया। हम समझ गए साले का काम हो गया। हमने मोनिका को मोबाइल में ब्लू फ़िल्म दिखाना शुरु किया वह गरम होने लगी। उधर आंटी के कमरा बंद हो गया था और अभि ने अपने लंड का कमाल दिखाना शुरु कर दिया था। सिसकारिया और चिल्लाहटे अभि के कमरे से आ रही थी। अंकुश ने मोनिका की चूंचि पकड़ ली वो मुस्कुरा रही थी। पिट ने उसकी सलवार खोल दी और मैने उसे चूमना शुरु कर दिया। उसकी मा उधर चोदवा रही थी, ये बात उसे पता थी इसलिए वह कुछ बोली नही चुदवाने को तैयार हो गई।
हम सबने मोनिका की गांड और चूत की जमकर पिलाई की। और उसे अपना लंड तो पिलाया ही साथ में मूत भी पिला दिया। मेरा दोस्त अंकुश लड़कियो की पानी पीने का बहुत शौकीन है। जब वो झड़ती है तो अंकुर पी लेता है। इसतरह अंकुश ने तीन बार मोनिका का पानी पिया और मस्त हो गया। फ़िर हमने आंटी का दरवाजा खटखटाया। अभि समझ गया था साले कमीने इधर भी मुह मारेंगे
और जैसे ही अभि ने दरवाजा खोला आंटी का नंग़ा गदराया बदन जमीन पर पडा देखा। हम सबने आव देखा ना ताव आंटी की गांड और चूत पेल डाली। सर्वे का काम पूरा हुआ। फ़ंड तो नही रिलीज हुआ लेकिन लंड जरुर रीलीज हो गया। इस तरह देसी लड़की और उसकी चुदासी मस्त मा की हुई भयकर चुदाई तो फ़िर हैप्पी चुदाई!!

बुधवार, 27 जनवरी 2016

बड़े लोगो की बड़ी बड़ी बातें


मै सोसाइटी की एक संभ्रांत औरत हु और समाज के लिए काम करती हु, क्लब जाती हु | वहा जाकर दूसरी बड़ी औरतो के साथ ताश खेलती हु और गप्पे मारती हु | मेकप, शोपिंग, फ़ोन पे बात करना मेरा शौक है | मै थोड़ी से मोटी हु; लेकिन, मंहगी साड़िया मेरे मोटापे को ढक देती है | मेरे पास कार है, ड्राईवर है और जब मेरा मन करता है; मै जा सकती हु | मेरे क्लब के साथी भी सब मेरी तरह ही है | हम रोज़ क्लब जाते है, ताश खेलते है; मस्ती करते है | हम मे से किसी के पति के पास या बच्चो के पास परिवार के लिए समय नहीं है | हम सब की जिन्दगी अकेली है और हम सब साथी ही एक दुसरे के है | रोज़ की तरह हम सब औरते क्लब मे ताश खेल रहे थे |
हम सब मे एक शर्त लगी, ठीक एक महीने मे हमने अपने लिए बॉयफ्रेंड ढूँढना था | हम सब की उम्र ४५-५० के बीच मे थी और बॉय फ्रेंड की उम्र हम सबसे २५ साल छोटी होनी चाहिए थी | मै ४७ साल की थी; तो, मुझे एक २०-२२ साल का लड़का अपने लिए ढूँढना था | मेरे बेटे की उम्र करीब २२ साल थी; तो, मुझे रास्ता नज़र रहा था |मैने कभी अपने बच्चो के साथ दिन या रात नहीं बिताया था और सब अपनी-अपनी जिन्दगी मे व्यस्त थे | काफी समय बाद, मैने ऐलान किया, कि रात का खाना हम सब साथ खायंगे | बड़ा मज़ा आया | मेरे पति के अलावा पूरा परिवार था और सब साथ मे खुश थे | उस दिन मैने अपने बच्चो से काफी बाते की, उनकी दिनचर्या के बारे मे जाना, उनके दोस्तों के बारे जाना | मेरी किस्मत अच्छी थी, मेरे बेटे का बर्थडे आ रहा था | हर बार वो अपने दोस्तों के साथ बाहर जाता था |
इस बार, मैने उसकी पार्टी घर मे करने का निश्चय किया | इसमें मेरा ही फायदा था | मै अपने लिए एक अच्छा लड़का ढूंढ़ सकती थी | मैने अपने बेटे के सारे दोस्तों को बुलाया और बहुत शानदार पार्टी दी | सब कुछ बहुत ही शानदार था | लेकिन, मेरी नज़र मेरे काम के लड़के पे थी | मुझे पहली बार बता चला; कि मेरा बेटा कितना बिगड़ा हुआ था | उसके दोस्तों मे लड़के और लड्किया दोनों थे और सब बिगड़े हुए थे | लेकिन, उनसब मे एक बहुत शांत लड़का था और वो सबसे कटा-कटा था | लड़का दिखने मे कोई हैण्डसम तो नहीं था; लेकिन, अच्छा था और जल्दी पट सकता था और बिना किसी दिक्कत के | पार्टी के अगले दिन, मैने उससे उसके दोस्तों के बारे मे पूछा और उस लड़के के बारे मे भी | उसका नाम रमेश था और वो किसी अमीर परिवार का नहीं था; लेकिन, पढने मे अव्वल था और काफी क्षेत्रों मे सबसे आगे रहता था | उसने किसी बाहर के कॉलेज का इम्तिहान दिया था और उसमे पास हो गया था | लेकिन, उसका लोन नहीं हो रहा था |
मैने अपने बेटे से उसे बुलाने के लिए कहा | वो आया और मैने उससे सारी बात पूछी और १० मिनट मे उसका सारा काम करवा दिया | उसके पैसे मेरे घर आ गये और उसने मेरा धन्यवाद कहा | मैने उसको एक लम्बी से मुस्कराहट दी और एक सीडी दी | मैने वो उसे देखने के लिए बोला और अगले दिन एक पते पर आने के लिए बोला | और सारी बात केवल मेरे और उसके बीच मे ही रखने के लिए कहा | मैने उसे अपना फ़ोन नंबर दिया और कहा, अगर तुम्हे ये सीडी पसंद आये, तो मुझे कॉल करने के लिए बोला | वो सीडी मैने अपनी बनाई थी | जिसमे मै पूरी नंगी होकर कामुक अंदाज़ मे अपने को चोदने के लिए बुला रही थी | मुझे पूरी उम्मीद थी; कि, रमेश मुझे कॉल करेगा | रमेश ने मुझे तय समय पे तो कॉल नहीं किया; लेकिन, जब मै सुबह उठी , तो उसका कॉल था | मैने उसको समस किया और पते पर पहुच गयी | रमेश भी आ गया और मैने उसे उंदर बुला लिया | ये मेरा फार्महाउस था और यहाँ कोई आताजाता नहीं था |
मै ही कभी कभार आ जाती थी |रमेश आकर बैठ गया और कुछ नहीं बोला | मैने ही बातचीत शुरू की और पूछ सीडी कैसी लगी | रमेश ने कहा, अच्छी | मैने फिर पूछा, सीडी या मै | रमेश ने सिर्फ मुस्कुरा दिया | मेरा अब यकीन हो गया था; कि मछली जाल मे फस गयी थी | फिर, मै उसे पूल पर ले गयी | मुझे पता था कि वो एक बहुत अच्छा तैराक है और मै भी एक बहुत अच्छी तैराक थी | हम दोनों ने अपने कपडे उतारे और पुरे नंगे हो गये और पानी मे कूद पड़े | पहले हम दोनों ने काफी देर तैराकी की और फिर रमेश ने मुझे पूल के साइड से लगा दिया और नीचे जाकर मेरी चूत को अपने हाथ से खोल दिया और अपना लंड डालकर चोदने लगा | मुझे मज़ा आ रहा था | बहुत ताकत थी, रमेश मे | उसने मुझे जी भर के चोदा और मुझे भी बहुत समय बाद एक बड़े लंड से अच्छी चुदाई नसीब हुई थी | हम दोनों अब कमरे मे आ गये और एक साथ सो गये और जब मेरी आँख खुली; तो, रमेश सोया हुआ था मैने सबको फ़ोन किया और अगले दिन एक क्लब के दोस्तों की पार्टी की | मुझे पक्का यकीन था; कि मै ही जीती हु | अगले दिन की कहानी अगली बार…

रात की मस्ती सुबह सर चढ़के बोले


दोस्तों, मेरा नाम सुम्मी है और मेरी उम्र २५ साल है और मै एक कॉल सेण्टर मे काम करती हु | मै एक छोटे से गावं की रहने वाली हु | मै अपनी पढाई और नौकरी के चक्कर मे शहर मे आ गयी थी, लेकिन मेरे माँ-बाप अभी भी वही गावं मे रहते है | वो शहर आते नहीं है और मै गावं जाती नहीं हु | पढाई के बाद, मुझे शहर मे ही नौकरी मिल गयी और मैने कॉल सेण्टर ज्वाइन कर लिया था | पहले कॉलेज और अब कॉल सेण्टर के माहौल ने मुझे बहुत बिगाड़ दिया | मै अपने आप को एक तरह से कॉल गर्ल समझने लगी | मुझे रोज़ रात को एक लंड की जरुरत पढने लगी | मुझे लंड की आदत लग चुकी थी और मै बिना लंड के नहीं रह सकती थी | मै रोज़ डिस्को मे जाती थी, ताकि मुझे एक मस्त और मोटा लंड मिल सके | अगर कोई मुझे चोदने के पैसे दे देता था, वो सोने पे सुहागा हो जाता था | आज मै आप को बताती हु, कि मुझे रोज़ लंड लेने की आदत कैसे लगी |दोस्तों, तब मै कॉलेज मे पढ़ती थी | मै तभी गावं से आयी थी, तो मुझे शहर के बारे मे ज्यादा जानकारी नहीं थी | मेरे माँ-बापू ने मुझे शहर मे बाहर नहीं रहने दिया, बल्कि, मुझे कॉलेज के हॉस्टल मे दाखिला दिलवा दिया | लेकिन, उस समय ना तो उनको और ना ही मुझे पता था, कि हॉस्टल मे मेरी जिन्दगी बिलकुल बदल जाएगी और मुझे उन्ही चीजों की आदत लग जाएगी, जिनसे मेरे माँ-बापू मुझे बचाना चाहते थे | शुरू-शुरू मे मुझे शहर के लोगो के साथ हिलने-मिलने मे काफी दिक्कत हुई; लेकिन, मेरी रूममेट ने मुझे सब सिखलाया | वो एक आमिर माँ-बाप की बिगड़ी हुई औलाद थी और जिद करके हॉस्टल मे आयी थी; क्योकि, जब वो घर पर थी, तो उसके माँ-बाप पर उसपर तमाम पाबंदिया लगा रखी थी | वो लड़-झगड़कर हॉस्टल आयी थी | मुझे तो वो लड़की कभी समझ ही नहीं आती थी, सारा दिन नशा करती रहती थी और रात को किसी लड़के साथ डिस्को मे चली जाती और देर रात लौट कर आती | तब तक मै सो चुकी होती थी | लेकिन, मुझे अक्सर लड़के और मेरे रूममेट के हंसने की और खुसर-पुसर आवाज़े आती थी |एक दिन मैने देखा, तो मेरी दोस्त और एक लड़का नंगे बिस्तर पर लेते थे और वो लड़का, मेरी रूम मेट के शरीर को चूम रहा था और चूस रहा था | और उन दोनों के शरीर हिल रहे थे | मुझे समझ नहीं आया, कि वो दोनों क्या कर रहे थे? मै उनको देख ही रही थी, कि मुझे लगा कि मेरी सुसु वाली जगह गीली हो गयी और वहा कुछ चिपचिपा हो गया है | अचानक से, वो दोनों हिलते-हिलते रुक गये और उस लड़के ने अपनी सुसु मेरी दोस्त की सुसु वाली जगह से बाहर निकाली और फिर, वो कपडे पहनकर चले गया | उसके जाने के बाद, मै उठी और दोस्त से सब के बारे मे पूछा; तो हंसने लगी और बोली कल सुबह बात करुँगी | मेरी दोस्त, सुबह देर से उठती थी; उस दिन भी वो देर से उठी और मैने उस दिन उसको चाय बनाकर पिलाई और रात के बारे मे पूछा | वो हंस पड़ी और बोली, आज रात तेरे साथ करवाती हु, तुझे सब पता चल जायेगा | लेकिन, उससे पहले तुझे पटाखा बनाना पड़ेगा | वो मुझे ब्यूटीपार्लर ले गयी और मेरा मेकअप करवाया और मेरे बाल बनवाए | फिर, हमने कुछ मस्त कपड़ो की खरीदारी की | शाम होते-होते, मै बिलकुल बदल चुकी थी और कोई मुझे पहचान नहीं पा रहा था |आज की रात मेरे लिए परीक्षा की घड़ी थी, क्योकि, मुझे आज अपने शरीर की खूबसूरती के साथ-साथ मेरे शरीर की कामुकता का अहसास होने वाला था | मै रात को मस्त और एक सेक्सी ड्रेस पहनकर अपनी रूममेट के साथ डिस्को गयी और वहा पर मैने पहली बार दारू पी | मेरे सर पर नशा इतना चढ़ गयी, कि मुझे कुछ होश ही नहीं रहा और कभी किसी की हाथो और कभी किसी के हाथो मे झूल रही थी | सुबह होने को आयी थी और मुझे कोई होश ही नहीं था | मेरी रूममेट और उसके २-३ दोस्त हमारे कमरे मे आ गये | आते ही सबने अपने कपडे उतारने शुरू कर दिये | फिर मेरी रूम मेट भी नंगी हो गयी और उसने मेरे भी कपडे उतारने मे मद्दत की | अब दो लड्किया और ३ लड़के कमरे मे नंगे खड़े थे; उन तीनो के लंड काले, बड़े और मोटे थे | मुझे तो डर लगने लगा | मेरा डर दूर करने के लिए, मेरी दोस्त ने दो लंडो को अपने हाथ मे पकड़ा और मेरी चूत से रगड़ने लगी और एक लंड मेरे हाथ मे पकड़ा दिया | लंड को हाथ मे लेते ही मेरे शरीर पर करंट दौड़ गया | मुझे मस्ती छाने लगी | दो लंडो की रगड़ बहुत ही मस्त थी | रगड़ के साथ-साथ मेरी दोस्त ने मेरी पूरी चूत को तेल मे चिपड़ दिया और उन दोनों लंडो को भी |वो साथ के साथ मेरे चूचो पर टूटी हुई थी और तीसरा लड़का उसके चूचो पर | वो उसकी चूत मे ऊँगली कर रहा था और उसका मुह उसके चूचो को चूस रहा था | मेरी दोस्त भी मस्ती मे अपने शरीर को हिला रही थी | फिर, उन्होंने मुझे पलंग पर धक्का दे दिया और एक लड़का मेरे ऊपर चढ़ गया और अपनी चिकना लंड मेरी चूत मे दबा दिया | मेरी चूत अभी क्वारी थी और बहुत छोटी सी थी | लेकिन, उस लड़के ने बड़ी ही तन्मयता से अपना लंड मेरी चूत के ऊपर रखा था और हाथ से अपना लंड दबाने लगा और जब उसको लगा, कि लंड सही जगह पर है एकदम अन्दर पूरी तरह से घुसा दिया  | उसका लंड बहुत थोडा सा ही मेरी चूत मे घुस पाया और वो लड़का मेरी चूत को खोलने पर लगा हुआ था | मेरे मुह से चीख निकल रही थी, लेकिन मेरी दोस्त ने मेरे मुह मे कपड़ा घुसा दिया | वो उस लड़के ने धक्के पर धक्के मारने शुरू कर दिया | लंड और चूत दोनों काफी चिकने थे, तो २-३ जोरदार धक्को के बाद उसका पूरा लंड मेरी चूत मे समा गया | मेरी चूत से खून की पिचकारी फूट पड़ी और मुझे बहुत तेज दर्द होने लगा | कुछ देर बाद, मुझे भी दर्द कम होने लगा और मैने भी मस्ती मे अपनी गांड हिलानी शुरू कर दी | लेकिन, अभी पिक्चर बाकी थी |दूसरा लड़का भी अपने लंड को पूरा तेल से तरर कर रहा था और उसने थोडा सा तेल मेरी चूत पर भी डाल दिया और उसने भी अपना लंड मेरी चूत मे डाल दिया | आज मै पहली बार चुद रही थी, वो भी दो लंड एक साथ चूत मे | मुझे लगने लगा, कि आज मेरी जान जाने वाली है | दुसरे लड़के ने भी अपना लंड मेरी चूत मे डालना शुरू कर दिया | मेरी चूत मे, बिलकुल जगह नहीं थी फिर भी वो मेरी चूत मे अपना लंड घुसाने मे तुला हुआ था | कोशिश करके उसने अपना लंड काफी हद तक मेरी चूत मे डाल दिया | अब मेरी चूत बिलकुल फस चुकी थी और मै दर्द के कारण तड़प रही थी और पुरे जोर के साथ चिल्लाना चाहती थी, लेकिन कुछ भी नहीं कर पा रही थी | मेरा शरीर सुन हो चुका था और मै हिल भी नहीं सकती थी | दोनों लंडो मे, मुझे चोदने की होड़ लगी थी | अचानक से दोनों के धक्के तेज हो गयी और एक साथ बड़ी से गरम पिचकारी मैने अपनी चूत मे महसूस की | दोनों ने एक साथ अपना गरम वीर्य मेरी चूत मे छोड़ दिया था |फिर, दोनों ने अपने लंड मेरी चूत से निकाल लिए और मेरी चूत की हालत ख़राब हो चुकी थी | मेरी छोटी सी गुलाबी चूत, फूलकर लाल हो चुकी थी और मुझसे हिला भी नहीं जा रहा था | मै बिस्तर पर ऐसे ही सो गयी; फिर, उन तीनो ने मेरी दोस्त को चोदा और चले गये | उनके जाने के बाद मेरी दोस्त ने मुझे सहारा देकर उठाया और मेरी चूत को क्रीम लगाकर मुझे तसल्ली दी | उस दिन मेरी चूत का भोसड़ा तो बन गया, लेकिन मुझे मज़ा बहुत आया और उस दिन से मुझे लंड लेने की आदत लग गयी |

हाँ कह के जिंदगी की सबसे बड़ी भूल


हाई दोस्तों, मेरा नाम शीतल हे और मैं २० साल की हूँ, मेरी बेहेन का नाम शालिनी हे और उसकी उम्र २१ हे | मेरे पापा अक्सर बाहर रहते हे काम के सिलसिले में और मेरी मोम एक स्कूल में अध्यापक हे, जिसके कारण हम दोनों बेहेन सारा दिन अकेले रहते हे | ये बात दो साल पुरानी हे जब में १० पास की थी और एक कॉलेज में दाखिला लिया था, मेरी बेहेन भी उसी कॉलेज में थी और वो १२ कर रही थी | उसका एक लड़के के साथ चक्कर चल रहा था जो दिखने में काफी अच्छा था और आमिर घर का था, उसका नाम राकेश था | मेरी चुचो का नाप ३२ हे और मेरी बेहेन का ३४ हे | हम दोनों काफी गोरे हे, कोई भी हमे देखता हे तो हमारे पीछे तो पड ही जाता हे |मेने अपनी बेहेन से एक दिन पूछा की तुम दोनों के बिच में अब तक क्या क्या हुआ हे, तो उसने कहा की जादा कुछ नही बस किस किये हे और उपर उपर से हुआ हे | मेरे कॉलेज जोइन करने के दो महीने बाद राकेश का जनम दिन था और उसने मेरी बेहेन को आने फार्म हाउस में बुलाया था और साथ में मुझे भी, मेरी बेहेन ने मुझसे पूछा और मेने हाँ कर दी, जो की हम दोनों ने अपने जिंदगी की सबसे बड़ी भूल की थी | दिन आया और राकेश हमे लेने के लिए आ गया अपनी कार लेके | हम दोनों कार में बैठ गए और फिर राकेश ने गाडी चालू कर दी और करीब दो घंटो के बाद हम उसके फार्म हाउस पे पहुच गए, उसका घर काफी बड़ा था और खेतों के बिच में था | मेने उसदिन लाला टॉप और काली जींस पहनी हुई थी और मेरी बेहेन ने नीली रंग की सूट पहनी हुई थी |हम दोनों घर के अंदर घुसे और राकेश ने फिर दरवाज़ा लगा दिया और फिर उसने कुण्डी भी लगा दी, हमने उससे पूछा की ये सब क्या हे तो वो बोला जानेमन अब देखते भी जाओ क्या क्या होता हे | कुछ पल के बाद अंदर से कुछ लडको की आवाज़ आई, हम दोनों उस समय काफी दर गए थे, ऐसा लग रहा था जेसे बहुत गड बड होने वाली हे | हम दोनों उस कमरे की तरफ बड़े जिस तरफ से आवाज़ आ रहित ही, और जब हम अंदर देखे तो हमारी जान निकल गयी, अंदर चार लड़के टीवी पे एमएमएस दख रहे थे, वो और किसी का नही मेरी बेहेन का, जिसमे उसने निचे काली रंग की जींस डाली थी और उपर कुछ नही था और राकेश उसको किस करते हुए उसके चुचो को दबा रहा था | ये दख के हमे बहुत रोना आया, पर हम उस समय कुछ कर भी नही सकते थे | राकेश ने मेरी बेहेन की वीडियो बनाई थी और उसे बहुत बड़ा धोका दिया था |राकेश बोला अगर तुम दोनों चाहते हो की ये वीडियो कॉलेज में न फेले तो वोही करो जो हम कहते हे, हम दोनों समज गए की अब आगे क्या होने वाला हे | हम दोनों उनके सामने बहुत रोये पर वो लोग कुछ सुनने के लिए तैयार ही नही थे | उन पांचो ने अपने कपडे उतार दिए और बिकुल नंगे हो गए, सबके लंड एक दम तने हुए थे, हम दोनों को वो दख के भी डर सा लग रहा था | तीन लड़के सोफे पे बैठ गए और दो कुर्सी लेके बैठ गए,  और फिर राकेश बोला की अब बारी बारी से हम सबका लंड चूसो | हम दोनों ने कहा की हम नही करेंगे अगर तुम जान से मार भी दोगे तब भी नही करेंगे, फिर उसमे से एक लड़का बोला की हम जबर दस्ती करे उससे अच्छा होगा की तुम खुद करो | अब हमारे पास कोई चारा भी नही और फिर में एक लड़के के तरफ बड़ी और फिर घुटने के बल बैठ गयी और फिर धीरे धीरे उसके लंड की तरफ अपना मुह बड़ाई | उसने फिर मेरे गाल पे हाथ फेरा और फिर मेरे सर के पीछे हाथ रख के मेरे सर को अपने लंड की तरफ धकेल दी, और फिर मेरे मुह में उसका लंड घुस गया | धीरे धीरे करते करते उसका आधा लंड मेरे मुह में था और फिर उसने मेरे सर को पीछे की तरफ खीचा और फिरसे धकेल दिया | करीब चार पाँच बार ये करने के बाद मुझे समझ में आ गया की मुझे क्या करना हे, उधर दूसरे तरफ मेरी बेहेन राकेश के सामने बैठ चुकी थी और उसका लंड चूस रही थी, मुझे तो अंदर ही अंदर डर लग रहा था पर चूसना पड रहा था मुझे | हम दोनों ने बारी बारी सबका लंड चूस के उनका पानी निकाल दिया था, सबका लंड ८” के जितना तो था ही, बस आखिरी वाले का सबसे छोटा था, सबका चूसने के बाद जब में उसका चूसने लगी तो उसका लंड मुझे खिलोने जेसा लग रहा था, पर उसका भी चूस के निकाल दिया |अब सबका होने के बाद हमने उनके सामने हाथ जोड़ा की हमे छोड़ दो, पर वो लोग मान ही नही रहे थे | उनमे से एक लड़का बोला ” यार ये बताओ इन दोनों को सबसे पहले कोन चोदेगा ” सबने अपना अपना हाथ उपर कर लिया, क्युकी सबको पता था की हमारी चुत कुंवारी हे और अब तक हमारी चुत में ऊँगली नही गयी | अब सबके बिच एम् झगडा होने लगा की कोन हमे चोदेगा पहले, फिर उसमे से एक ने कहा की पर्ची उदा के दखते हे, वो लोगो ने फिर पर्ची बनाई और एक लड़के का मेरे उपर आया, और मेरी बेहेन के लिए वो लोग तैयार थे की मेरी बेहेन को राकेश ही पहले करेगा क्युकी वो उसके गल फ्रंड थी | हम दोनों की हालत एक दम खराब हो रही थी, मेरे लिए जिसका का नो. आया वो मुझे अपने पास बुलाया और फिर अपने गोद में बिठा लिया और मेरी पीठ पे हाथ फेरने लगा | राकेश ने मेरी बेहेन को बिच में खड़े होने को कहा और फिर उसे अपनी सलवार उतारने को कहा, मेरी बेहेन ने अपनी आँखे बंद कर ली और फिर सलवार उतारने लग गयी, सलवार खोलने के बाद उसने उसे निचे गिरा दिया उसका कुरता उसके जांघों तक आ रहे थे | उसके पैर एक दम चिकने और गोरे लग रहे थे, फिर उन्होंने उसे अपना कुरता उतारने के लिए भी कहा और फिर वो कुर्ते को उपर करके उसे उतरने लगी | दीदी ने सफ़ेद रंग की पेंटी पहनी हुई थी और दीदी की फूली हुई चुत पेंटी से साफ़ साफ़ नजर आ रही थी | पेंटी के उपर से दीदी के चुत के बाल भी दिख रहे थे, दीदी ने गुलाबी रंग की ब्रा पहनी हुई थी जिसके आर पार दीदी के चुचे दिख रहे थे | एक लड़के ने मुझे दीदी के पास खड़े होके कपडे उतरने को कहा और फिर मेने भी अपने कपड़े उतार दिए और अब में काली रंग की ब्रा और पेंटी में थी |अब दो लड़के आये हम दोनों के पीछे खड़े हो गए, एक ने दीदी की ब्रा उतार दी और एक ने मेरी पेंटी निचे कर दी, जिसने मेरी पेंटी निचे की वो मेरी गांड को चूमने लगा था | बाकी तीन सोफे पे बैठ के शो दख रहे थे, दोनों हमारे जिस्म के साथ खेल रहे थे और बाकी तीन दख रहे थे मजे में | कुछ देर बाद राकेश अपना लंड मेरी बेहेन के चुत में डाल दिया, दीदी की चीख सुन के मेरी जान निकल गयी, दीदी चिल्ला रही थी की अपना लंड निकाल दो मुझे बहुत दर्द हो रहा हे, आभी छोड़ दो फिर कभी कर लेना आभी निकाल दो थोडा तो रहम करो मुज्पे, पर किसी ने एक न सुनी उसकी और ठडे देर के बाद उस लड़के ने मुझे कुतिया बनाया और मेरी चुत में अपना लंड रगड़ने लगा, मुझे तो मज़ा आ रहा था पर मज़े के बिच में मेरे उपर पहाड टूट पड़ा, उसने जेसे ही लंड अंदर डाला मेरी आँखों से पानी आ गए और में चीख पड़ी, मुझे ऐसा लगा जेसे किसी ने मेरी चुत में चाकू डाल दिया हो, में रोने लग गयी और उसे बोली की मुझे छोड़ दो पर कोई नही सुन रहा था | दोनों लगे हुए थे चोदने में हम दोनों को | दोनों को हमारी चीख से कोई मतलब नही था, करीब दस मिनट बाद राकेश झड गया फिर दूसरा वाला भी झड गया |पुरे ज़मीं पे खून ही खून था और उनके लंड पे भी खून लगा हुआ था | हम दोनों एक दम मरे हुए की तरह ज़मीं पे पड़े थे | उन दोनों ने हमे उठा और फिर बाथरूम लेके गए और हमारे जिस्म को साफ़ किया और फिर बेडरूम में ला के लेटा दिया | मेने सबसे कहा की अब हमे जाने दो अब हम और चुदने के लायक नही हे बहुत दर्द हो रहा हे प्लिज्ज़ हम दोनों को जाने दो, जब हम ठीक हो जायेंगे तब खुद आ जायेंगे हम दोनों, बस अब के लिए जाने दो | बहुत रोने धोने के बाद वो लोग मान गए और फिर राकेश हमे गाडी में बिठा के ले के घर तक छोड़ दिया |

पैसे के लिए तो में कुछ भी करूंगी


हाई दोस्तों, मेरी उम्र २६ हे और में मैगजीन के लिए फोटो शूट करता हूँ | मेरे साथ साथ तीन दोस्त और भी काम करते हे | वो लोग भी मेरे साथ नए नए मॉडल लाते हे और हम उनकी फोटो शूट कर के मैगजीन वालो को बेच देते हे | इससे हमारी अच्छी खासी कमाए हो जताई थी | एक दिन की बात हे की हमने एक मोडल ठीक कर लिया और हमने उसके नाम पे मैगजीन वालो से पैसे भी ले चुके थे | पर गडबड ये हो गयी की एक दिन पहले ही उसने मना कर दिया और हमने तो मैगजीन वालो से पैसे ले चुके थे | अगर हमने मैगजीन वालो को समय पे माल नही दिया तो हमे बहुत मुस्किले आया सकती थी | और मेरे लिए मुसबत वाली बात यह थी की उस मोडल को भी में ही लाया था |रात को मेरी आंटी मेरे घर आई और मुझसे आके पूछी की तुम इतने परेशान क्यों हो ? मेरी आंटी मेरे बगल वाले कमरे में रहती थी और वोही मेरे लिए खाना ला के देती थी | उनके पती काम के चक्कर में हमेशा बाहर ही रहते थे |उन्होंने पूछा- क्या हुआ समीर, इतने परेशां क्यों लग रहे हो ?मैंने उन्हें बताया कि कैसे एक मॉडल ने फोटो शूट से मना कर दिया |उन्होंने पूछा- तुम लोग किसी मोडल की फोटो शूट के लिए उसे कितना पैसे देते हो ?मैंने कहा – यही करीब दस हजार के आस पास |उनका मुह खुल्ला का खुल्ला रह गया और बोली इतने पैसे देते हो क्या ? इतने पेसो के लिए तो में कुछ भी करने के लिए तैयार हू | क्या तुम मेरी फोटो शूट कर सकते हो क्या ?मेने कहा – क्या आंटी आप भी रात को उलटी फूलती बातें कर रही हो ? आपको नही पता हमे कभी कभी बिना कपड़ो के भी तस्वीरे लेनी पडती हे |उन्होंने कहा – दस हजार के लिए तो में कुछ भी करने के लिए तैयार हूँ | अगर तुम्हे अपने दोस्तों के सामने मेरी तस्वीर लेने में कोई तकलीफ नही हे तो मुझे भी कुछ तकलीफ नही हे |मैं चिंता में पड गया की क्या करूँ, क्युकी मेरे पास उनको लेने के सिवा और कोई चारा भी नही था, और वेसे आंटी भी कोई कम माल नही हे | ये बड़े बड़े चुचे और गांड थे उनके पास | मेने अपने दोस्तों को फोन किया और कहा की एक और मोडल मिल गयी हे, पहली वाली से भी अच्छी हे | दूसरे दिन आंटी सुबह सुबह मेरे घर आ गयी और बोली की तुम चले जाओ में आ जाउंगी |मैं अपने स्टूडियो पहुच गया पर में सोच रहा था की आंटी से ये काम होगा या नहीं और डर लग रहा था मुझे | मेने अंदर जा के सबको कहा की वो थोड़े देर में आ जायेगी तब तक लाइट, कैमरा अगेरा वगेरा सब ठीक ठाक कर लो | कुछ मिनटों बाद वो भी आ गयी |मैं तो आंटी को पहचान भी नही प् रहा था ऐसी कमाल की लग रही थी, आंटी मिनी स्कर्ट और सफ़ेद रंग की टॉप में आई थी | आंटी को मेने इन कपड़ो में आज तक कभी नही देखा था, उनके कडक चुचे कपड़ो के उपर से देखा जा सकता था | उनकी स्कर्ट इतनी कसी थी की उनकी पनटी का आउटलाईन नज़र आ रहा था | हम सबा लंड खड़ा हो गया था उन्हें देख के |एक दोस्त ने तो धीरे से कहा ये तो चलती फिरती बोम हे, कफी पे भी फट सकती हे |हम सबने उनको बिठाया और उनके लिए ड्रिंक मंगवाया, वो क्या हे की कोई कोई नई मोडल अपने कपडे खोलने से मना करती हे तो ड्रिंक से सब ठीक हो जाता हे |मेरे एक दोस्त ने हम सब लोगो के लिए ड्रिंक बनाई और सबको दे दिया |और हम सब ने ड्रिंक पी लिए और फिर उसके बाद आंटी बोली की में तैयार हूँ |हम सब लाइट कैमरा सेट कर लिए और फिर आंटी सोफे पे बैठ गयी और अलग अलग ढंग से फोटो खिचवाने लग गयी | हर ढंग उनका पहले वाले से और कामुक होते जा रहा था | हमने शुरू के सभी फोटो कपड़ो में लिए | इसके बाद उन्होंने अपनी टाँगे थोड़ी खोल दी और हमारे कैमरा में उनकी सफ़ेद पेंटी आ गयी और फिर उसी हाल में कुछ तस्वीरे ले लिए | उसके बाद उन्होंने अपने टॉप के बटनों को खोल दिए, उनके इस हरकत पे मेने सबकी पेंट की तरफ देखा तो सबके आगे वाला हिस्सा उभरा हुआ था | उन्होंने अपनी टॉप भी उतार दी और अब वो हमारे सामने काली रंग की ब्रा में थी जिसमे से उनकी ३६” की चुचिया उस ब्रा में फिट नही हुआ था ठीक से | आंटी भी गर्म होने लग गयी थी, उनके कडक चुचे उनकी ब्रा के उपर से ही दिख रहे थे | अब आंटी अपने दोनों हाथो को उपर कर के कुछ तस्वीरे खिचवाई और फिर धीरे धीरे अपनी स्कर्ट भी उतारने लगी और फिर थोड़े ही पल में उतार दी और अब सफ़ेद पेंटी में आ गयी |एक दम कयामत लग रही थी वो सफ़ेद और कली रंग की कसी पनटी ब्रा में | उनकी चुत की की उभर तक हमे महसूस हो रही थी, आंटी पीछे पलटी तो उनकी गांड जेसे पेंटी को फाड़ देगी ऐसा लग रहा था | मेरे दोसोत को बिकुल नही मालूम था की वो मेरी बगल वाली आंटी हे, जिनकी उम्र ३० की थी | मेरे दोस्त उनको देख के अपने लंड सहलाने लग गए |आंटी ने फिर उसी ब्रा और पेंटी में थोड़े फोटो लिए और फिर नंगी फोटो के लिए तैयार होने लग गयी | मेरे एक दोस्त ने उन्हें कहा की अब हमे आपकी बिना कपड़ो मे फोटो लेनी हे, तो आंटी बोली ठीक हे में चंगे कर के आती हूँ | आंटी फिर अपने कपड़े बदलने के लिए गयी और फिर बाहर ई तो उन्होंने एक काली रंग की लम्बी शर्ट डाली थी जिसे दख के पता चल गया की उन्होंने अंदर कुछ नही पीना हे | आंटी ने उसी शर्ट में दो तीन फोटो खिचवाए और उसके बाद उन्होंने एक दम से अपने कपडे उतार के फेक दिए और अपने बड़े बड़े चुचो को दिखने लग गयी | हम सब का मुह खुल्ला का खुल्ला रह गया | मुझे बिकुल नही पता था की मेरी आंटी ऐसी भी हो सकती थी | एक दम बड़े बड़े चुचे, निप्पल एक दम कडक और सपाट पेट और फिर निचे एक दम चिकनी चुत, दिमाग खराब हो गया मेरा | मुझे अपने आँखों पे विश्वास ही नही हो रहा था की आंटी ऐसी हे, आंटी का जिस्म ऐसा होगा मेने सोचा न था |वो अब अपना नंगे जिस्म की तस्वीर खिचवाने लग गयी और करते करते वो एक बार घोड़ी बन के पोज़ ली, उनका पोज़ इतना कामुक और गर्म था जेसे की हमे बुला रही हो की आओ मुझे चोदो, अब तो में बिकुल भी नही रुक प् रहा था और मेने कैमरा निचे रख दिया और एक दम से जल्दी में अपने कपडे उतार के उनकी चुत में लंड डाल दिया, मेरे इस हरकत को दख के मेरे दोस्त का मुह खुल्ला रह गया, पर थोड़े देर के बाद वो सब भी आ गए अपने कपड़े उतारते हुए |मेने उनकी पतली कमर दोनों हाथो में पकड़ के जोर जोर से धक्के देने लगा और वो भी मस्ती में चुदवाने लग गयी मुझसे | मेरे दोस्त भी सब कपड़े उतार के आ गए एक ने उनके मुह में लंड दे दिया और वो उसका लंड चूसने लगी दूसरा दोस्त निचे से उनके चुचे मसल रहा था और तीसरा उनकी गांड सहला रहा था | हम सब के सब नंगे थे, मैं सोचने लगा की आज तो आंटी की चुत की गांड लगने वाली हे, रात को घर में क्या बोलेगी पता नही | में उनकी चुत मार ही रहा था और ये सोचते सोचते मैं उनकी चुत में झड गया | मेरा एक दोस्त फिर उन्हें सोफे पे सीधा लेटा दिया और उसके बाद उन्हें कस कस के पेलने लग गया, दूसरे का वो लंड चूस रही थी और तीसरा उनके चुचे दबा रहा था | मैं बाजू में बतेह गया था और अपनी प्यारी सी आंटी की चुदी देख रहा था |आंटी पे तो जेसे लंडो की बारिश हो रही थी और आंटी चीख रही थी और जोर से …….. ओह ….. आह ………. फाड़ डालो मेरी चूत को ……….. ओह … आह … आह …….. मुंह में दूसरा लंड डालो………. चूचियां दबाओ…….. मैं आज स्वर्ग में हूँ…….. चोदो मुझे…….. | मेरा एक दोस्त उन्ही के चुत में झड गया, आंटी उठी और बाथरूम में जाके अपनी चुत साफ़ कर के आई और फिरसे लेट गयी | अब मेरा दूसरा दोस्त उनकी चुत मारने लग गया और पहला वाला वो मेरे साथ आके बैठ गया | सब बारी बारी उनकी चुत में झड गए और फिर आंटी बाथरूम में जाके चुत साफ़ की और आके कपडे पेहेन लिए |हम सब ने उन्हें उनके पैसे दे दिए, पर आंटी बोली आज मुझे इतना मज़ा आया की पैसे लेने का मन ही नही कर रहा हे, पर अगली बार में तुम्हसे फ्री में चुदवाउंगी पर तुम्हे आज की तरह ही मुझे चोधना होगा |

रविवार, 24 जनवरी 2016

चूत में थूक कहानी नये नये यौवन की


नये नये यौवन मे मैने चूत में थूक का खेल खेला था। वही बताने जा रहा हूं आप लोगो को। तो कहानी में आज सच्ची कहानी है कि मै तब 18 साल का था और गांव मे रहता था। मेरे गाव मे कई सारे दोस्त थे जो मुझ्से काफ़ी बड़े थे और हम सभी आईस पाईस खेलते थे। आईस पाईस का मतलब है कि चोर सिपाही का खेल्। इस खेल में तब लड़के और लड़किया साथ साथ खेलते थे क्योकि तब इतना रोक छेक नही था जितना आज हो गया है। इस तरह से यह खेल खेल मे चुदाई की कहानी है
मनु, नरेन और बेचू ये मेरे तीन लंग़ोटिया यार थे, हम तीनो अक्सर एक साथ खेलते रह्ते थे और आज हम गाव के बाहर खेतो में यह खेल खेलने गए थे। ये तीनो बहुत ही हरामी पीस थे। तीनो को चुदाई के बारे मे पता था पर मैं नही जानता था। खैर खेल शुरु हो गया। हम लोगो के साथ एक लड़की भी थी जो यह खेल खेल रही थी। उसका नाम टैचून था। हम सभी खेलने लगे। अब टैचून चोर बनी और हम सब छिप गए। मै भी छिपा था। साला हमे क्या पता इन तीनो चुदक्क्डो ने चुदाई का खेल रचा रखा है।
टैचून ने जैसे ही बेचू को पकड़ा बोली चोर!! और बेचू ने उसे धर दबोचा पुआल के ढेर के नीचे और उसकी आधी विकसित चूंचिया दबाते हुए बोला चोर तो यहा है मेरी जान और अपना लंड उसे पकड़ा दिया। टैचून ने यह खेल अपने जीजा के साथ खेल रखा था, भले ही वह छोटी थी। उसने लंड को रगड़ना शुरु कर दिया। बेचू ने मजा लेता रहा। हद तो तब हो गई  अब नरेन और मनु को पता चला कि साला बेचू खेल खेल रहा है। वो दोनो वही पहुच गए। टैचून को देख कर कहने लगे हमे भी चोदने दो नही तो तुम्हारे पापा से कह देंगे। टैचून ने कह दिया चोद लो लेकिन पापा से मत कहना। खैर उन चारो ने चुदाई का खेल जारी रखा। टैचून को बकरी बना कर बेचू ने अपना लड उसके मुह में ठेल दिया और नरेन ने पीछे से चूत पर मोर्चा सम्भाला, मनु ने अपना लंड उसके कानो में रगड़ना जारी रखा।
टैचून ने तीनो के साथ खेल खेलना जारी रखा और वो तीनो काफ़ी गरम थे तब तक मैं पहुच गया और धप्पा बोलने ही वाला था कि वो सब बोले! ओ रहने दे देख नही रहा क्या हो रहा है। मैंने सोचा ये क्या कर रहे है ये सब ये तो मर जाएगी। मैने कहा छोड दो इसे लेकिन वो सब चोदते रहे। नरेन ने कहा देख यार जब मैं चोद लूंगा तो तू इसकी चूत में थूक देना। मैने कहा ये कैसा काम है बे!! फ़िर दोस्तो की खातिर यह करना ही पड़ा। मैने टैचून की चूत में थूका और फ़िर बेचू उसकी चूत में पेलम पेल करने लगा। टैचून हल्की आहे भर रही थी। मैने उसकी चूंचिया छू के देखी गजब सी गुज गुज थी मैने डर कर छोड दिया। मैने थूकना जारी रखा जिससे दोस्तो को पेलने में दिक्कत न हो और उसकी चूत गीली रहे।
आज भी मेरे दोस्त मुझे उस बात को लेकर चिढाते है और कहते है चूत में थूक की नौकरी चाहिए क्या??

गुरुवार, 21 मार्च 2013

प्ले बॉय के दर्द का कठिन सफर

प्ले बॉय के दर्द का कठिन सफर
हाई दोस्तों,
मैं आपको अपने बारे में क्या बताऊँ बस यही मेरी सबसे बड़ी पहचान है की मैं बहुत बड़ा प्ले – बॉय हूँ मैं ह्य्देराबाद मैं एक नेहा – फ्रेंडशिप के नाम पर चल रहे रंडीबाजी के दूर – दराज के नेटवर्क यानि गोरख – धंधे के लिए काम भी करता हूँ | मुझे मेरी इसी चुदाई के लम के पैसे हर महीने मिलते है और अब तो मेरी कंपनी को बहुत ज़रूरत है क्यूंकि मैं अब सभी आंटी की किट्टी पार्टी की ज़रूरत सा बन गया हूँ | यूँ समझ लो की मेरे ही नाम से अब मेरी इस कंपनी को सब जनता है क्यूंकि मेरे ओरतों और लड़कियों को रिझाने और चुदाई से पहले तैयार करने का ढंग की कुछ मसलदार और अतरंगी है | मैं अक्सर ही सभी आंटी या लौंडिया के साथ उनके साथ जब अकेले में मिलता हूँ तो अपने आपको पूरी तरह से उनकी चुत का यमराज बना लेता हूँ |
इसी वजह से एक दिन मेरी कंपनी को एक किट्टी – पार्टी के लिए कुछ आंटियों की भारी रकम में स्पेशल ही मांग की गयी और मैं समझ गया की इस बार कुछ मेरे साथ ही अलग होने वाला है है यूँ कहो अतरंगी | मेरी गांड भी फट रही थी की किसी बहाने इतनी सारी आंटी मिलकर मेरा खून क ना करदे या मेरा लंड की काट कर अलग ना कर दे क्यूंकि मैं मैं ही जनता हूँ की मेरा इकलौता लंड ही मेरी कमई का जरिया है | मैं वहाँ गया तो कुल ५ आंटियां ३० से ३५ की उम्र के बीच मस्त – मौला बैठी हुई थी और वहाँ दारु और बीअर पीते हुए मुझे कामुक मुस्कान दे रही थी | मैंने जाते ही पहले कई देर तो उनके सामने कामुक नाच किया जिसके बाद वो मुझे नंगा होने की मांग करने लगी |
दोस्तों मैं कुछ ही देर में उस पार्टी में अपनी इकलौती चड्डी में आ चुकी था और अब आंटियां गाने पर थिरकती हुई मेरे करीब आकार मुझसे लिपट जाती और कोई तो मेरा लंड भी छूकर चली जाती | इतने में अब आंटी ने भी अपने कपड़ों को उतारना चालू कर दिया | मुझे उनके केवल ब्रा , पैंटी और कुछ को नागी अपने सामने देखकर रुका ना जा रहा था पर मैंने अपने उप्पर काबू पाया | थोड़ी देर में मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया और मेरी चड्डी पर उभार आने लगा जिससे सभी ने मेरी चड्डी को भी उतरवा दिया | गांड चली रहा था की एक आंटी आई और घुटनों के बल झुककर अपने मुंह को खोल दिया | मैंने भी अपने लंड को उनके मुंह में दे दिया और उनके चुचों को मसलने लगा |
इतना हुआ की सभी आंटी बारी – बारी मेरे करीब आती चली गयी और कोई पीछे से अपनी गांड मिलाती तो कोई मेरी गांड को भींचने लग जाती | कुछ देर बाद आंटी ने वहीँ बिस्तर पर लेट गयी और मुझे अपने और बुलाया जिसपर मैंने भी जाते हुए अंटी की टांगों को खोल उनकी चुत में जीभ डालने लगा तो पीछे से दूसरी आंटी मेरी छाती को चूमती तो कोई मेरे लंड को नीचे से चूस रही थी | इसी दौरान मैं २ – ४ बार तो झड ही चूका था | मैं अब आंटियों के उप्पर चडना शुरू कर दिया और उनकी मोटी चुत में बारी लंड को घुसना शुर कर दिया जिसपर दूसरी आंटियां मेरी गांड पर थूक लगाकर चाटने लगती तो कोई एक – दूसरे से ही लिपट जाती | उस दिन मैं पूरी रात सभी को संतुष्ठी पहुंचाने के चक्कर में सारी आंटियों को चुत को चोदता रहा और सुबह जाकर अपने घर पहुंचा तो अपने गोत्टों में हो रहे दर्द को ही लेकर बैठा रह गया |

कॉलेज की मौजमस्ती बड़ी मजेदार

कॉलेज की मौजमस्ती बड़ी मजेदार
दोस्तों मेरा नाम नीलम है और मै एक कॉलेज मे पढ़ती हु | मै अव्वल दर्जे की बिंदास लड़की हु और सारे लडको को अपने तलवों के नीचे रखती हु; लेकिन मै शुरू से ऐसी नहीं थी | मै एक निहायत ही शरीफ परिवार से हु और मेरे अभिभावक सपने मे भी किसी के साथ गलत करने का भी नहीं सोच सकते है | उन्होंने ने भी मुझे अपने जैसे ही शिक्षा दी है और मेरा कभी किसी से बैर नहीं था | स्कूल तो मेरा, सही सलामत निकल गया; लेकिन कॉलेज के शुरुवाती दिनों मे जो मेरे साथ हुआ, उसने मुझे पूरा बदलकर रख दिया | जब मै कॉलेज मे आयी थी, तो मैने रैगिंग के बारे मे काफी सुना था, लेकिन मै खुशकिस्मत थी कि मुझे इसका सामना कुछ दिन तक तो नहीं करना पड़ा | कुछ दिनों बाद हालात बदल गये और उन हालातो ने मुझे भी बदलकर रख दिया |मेरे हॉस्टल मे, मेरी एक सीनियर थी सीमा; वो हमारी भाषा मे लड़कियों की गुंडी थी और सारी लड्किया उसे डरती थी |
जब उसकी नज़र मुझ पर पड़ी, तो उसने मेरा जीना हराम कर दिया | उसका आशिक भी लडको का गुंडा था और कॉलेज के बड़े आदमी का बेटा था, तो उसको कोई कुछ भी नहीं बोलता था | एक रात सीमा ने, मुझे बुलाया और काम करने को कहा, मैने किसी आज्ञाकारी बच्चे की तरह वो काम कर दिया | सीमा ने खुश होकर मुझे वापस भेज दिया और अगले दिन रात मे भी आने को बोला | मुझे लगा, कि अगले दिन भी कोई छोटा-मोटा करवा कर वो मुझे भेज देगी और खुश हो जाएगी | लेकिन, जब मै उसके कमरे मे पहुची, तो उस दिन का नज़ारा ही बदला हुआ था |कमरे मे काफी सारे लड़के और लड़की जमा थे और किसी के कुछ भी नहीं पहना हुआ और सब के सब नंगे एक दुसरे से चिपके हुए थे और गोला बनाकर उसको घेरा हुआ था | अब मुझे वास्तव मे डर लगने लगा था | जब मै वहा पहुंची, तो सीमा खुश होकर बोली, आ जा बच्ची! तेरा हमारे गेंग मे स्वागत है और फिर मुझे अपने कपडे उतारने को बोला | मुझे डर लगने लगा था, तो मै वापस जाने लगी | दरवाजा बंद हो चुका था और चिल्लाने का कोई फायदा नहीं था |
वहा पर मेरी ही क्लास का एक लड़का सुमित नंगा होकर नीचे सर किये बैठा था | जब मैने कपडे नहीं उतारे, तो सीमा ने जबरदस्ती मेरे कपडे उतार दिये और मुझे पूरा नंगा कर दिया और मुझे सुमित के साथ बैठा दिया | हम दोनों के शरीर को चिपका दिया गया; मेरे चुचे सुमित की छाती मे धसे हुए थे और उसका सुकड़ा हुआ हँ छोटा सा लंड मेरी चूत पर लग रहा था |ये सब मेरे लिए नया था और मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था | सीमा को समझ आ गया था, कि हम दोनों ही चुतिया है और हमें कुछ नहीं मालूम | सीमा ने हम दोनों के मुखड़ो को देखा और बोला, सालो को पहले ब्लूफिल्म दिखानी पड़ेगी, उसके बाद ये हमें ब्लूफिल्म दिखायेंगे | फिर, हम दोनों एक कुर्सी पर बैठा दिया गया और सब लोगो हमें घेरकर खड़े हो गये | सीमा और उसका बोयफ्र्न्द हमारे सामने थे | सीमा का शरीर बहुत ही मस्त था और वो किसी नंगी हुसुन की मल्लिका लग रही थी और उसका बॉयफ्रंड भी एक मजबूत शरीर का मालिक था और उसके बड़े शरीर के सामने सीमा का रूप मस्त लगा रहा था | वो दोनों एकदूसरे के पास आगये और उन दोनों के होठ आपस मे जुड़ गये और वो बड़े ही कामुक तरीके से एक दुसरे को चूमें और चूसने लगे | उनको की साँसे गरम हो चुकी थी और भाई तेज चल रही थी और उनकी ओ…आआआआअ…….ऊऊछ्ह्ह … से पूरा कमरा गूंज रहा था |
सब लोग उनके इस कामुक अंदाज़ से गरम होने लगे थे और अब सब एक दुसरे से चिपकने लगे | सुमित के लंड ने भी खड़ा होना शुरू कर दिया | अब हमारे चारो ओर, लड़के और लड्किया आपस मे लगे हुए थे और पुरे कमरे मे संभोग का कामुक माहौल था | ये सब देखकर मेरी चूत मे भी खुजली होने लगी और मैने सुमित की जांघ को कसकर पकड़ लिया | सुमित ने मेरा हाथ खीचा और हम दोनों के होठ भी जुड़ गये और हम एक दुसरे को चूसने लगे | फिर, सुमित ने एक दो पोर्न्फिल्म देखी होगी, तो वो उसको याद करके मुझे चोदने लगा | उसने मुझे जमीन पर लिटा दिया और मेरे चूचो को चुसना शुरू कर दिया और मेरा शरीर भी मस्ती मे कसमसाने लगा और मेरे भूरे निप्पल मस्ती मे खड़े हो गये | उसने उनको चूस-चूसकर लाल कर दिया और फिर उसने दुसरे लडको को देखा, तो वो सब लड़कियों की चूत को चाट रहे थे और कुछ ६९ कर रहे थे वो घुमा और ६९ मे मेरी चूत को चाटने लगा और अपने लंड मेरे मुह के आगे कर दिया और मैने भी हिम्मत करके उसका लंड चुसना शुरू कर दिया |
हम दोनों की गांड मज़े मे हिल रही थी | तब तक सब जगह चुदाई का प्रोग्राम चालू हो गया था | सुमित मेरे ऊपर आ गया और उसने अपना लंड मेरी चूत के ऊपर रगड़ना शुरू कर दिया और मुझे मज़ने लगा और मैने अपनी गांड हिलाना शुरू कर दिया |इतने मे, सुमित ने पीछे से एक हाथ महसूस किया और सीमा के बॉयफ्रंड ने उसे पीछे हटा दिया और उसे सीमा के पास भेज दिया और बोला, नए और करारी सील खोलने का हक़ केवल मुझे है | सुमित बेचारे का मुह लटक गया, लेकिन सीमा उसके पास आयी और बोली बच्चे चिंता क्यों कर रहा है? अगर लड़कियों को पहली बार वो चोदता है, तो लडको के लंड को चोदने का हक़ सिर्फ मुझे है | फिर, सीमा का बॉयफ्रंड मेरे ऊपर आ गया और उसने अपना लंड मेरी चूत पर घिसना शुरू कर दिया और मुझे और भी मज़ा रहा था, क्योकि उसका लंड सुमित के लंड से भी बड़ा था | फिर, उसने एक ही झटके साथ, अपना लंड मेरी चूत मे घुसा दिया और मेरी चिक निकल गयी और वो बड़े मज़े से मेरी चूत को चोदने लगा | उसका लंड मेरी चूत मे पूरा समा गया था और हवा के लिए भी जगह नहीं बची थी |
मेरी दर्द के मारे मेरी जान निकल रही थी और मुझसे उसका लंड सहन नहीं हो रहा था | फिर भी, वो साला हरामी मेरी चूत चोदने को तैयार नहीं था | लेकिन, कुछ देर बाद मुझे मज़ा आने लगा और उसके लंड के मेरी चूत अन्दर रहते हुए, पता नहीं मै कितनी बाद झड गयी और मेरा वीर्य मेरी चूत के खून के साथ मिलकर मेरे सारे शरीर पर, उसके लंड पर और जमीन पर फैल गया |कुछ देर बाद, उसकी गांड भी तेज चलनी शुरू हो गयी और एक झटके के साथ, एक गरम पिचकारी मेरी चूत की दीवारे से टकराने लगी | मेरी चूत अन्दर से जल उठी और मेरे अपनी चूत को अपनी टांगो से बंद कर लिया | वो बंदा अपना लंड अभी तक निकाल नहीं पाया था और उसका लंड मेरी चूत मे, बिलकुल फस गया था | उसने मुझे एक कसकर थप्पड़ मारा और दोनों हाथो से जोर लगाकर, मेरी टाँगे खोल दी और अपना लंड निकाल लिया | उसके लंड का पूरा पानी रिस चुका था और मेरे ऊपर से उठ गया | दूसरी तरफ, सुमित को भी सीमा ने पूरा मज़ा दिया, लेकिन सीमा को मज़ा नहीं आया और उन्होंने सुमित को अपने गेंग मे आने से मना कर दिया | सीमा के बॉयफ्रंड ने मुझे पास कर दिया अब मै उनके गेंग की मेंबर बन गयी और अब एक दम बिंदास बन गयी |

किसी की मद्दत के बदले, कुछ और

किसी की मद्दत के बदले, कुछ और
रमेश अभी भी सोया हुआ | मैने फ़ोन करके कुछ खाने का सामान मंगवाया और चाय बनाने चली गयी | रमेश भी जाग चुका था और हम दोनों साथ चाय पीने लगी | शाम हो चुकी थी | रमेश ने जाने के लिए पूछा; तो, मैने उसे कल शाम तक रुकने के लिए बोला | मैने उसे पार्टी के बारे मे कुछ नहीं बताया | मै नहीं चाहती थी; वो घर चला जाए या भाग जाए | थोड़ी सी नानुकर के बाद वो मान गया और अपने घर फ़ोन कर दिया | मैने उस शाम को उसके बारे मै काफी कुछ जाना और उसकी पूरी पढाई के खर्चा खुद ले लिया | उसका दाखिला विदेश मे किसी बड़े कॉलेज मे हुआ था | फीस का इंतजाम तो उसकी छात्रवृति से हो गया और बच्ची हुई फीस के लिए उसे लोन मिल गया | लेकिन, उसके अलावा भी वहा जाना और रहना काफी मंहगा था; जो उसके परिवार की हैसियत के बाहर था | मैने सारा खर्चा पता लगवाया और उसका सारा इंतजाम कर दिया | उसके रहने के लिए वहा रूम और खाने-पीने का इंतजाम कर दिया गया | मैने ही एक घर वहा किराये पर ले लिया और रमेश को वहा रुकने के भेज दिया | रमेश का एक अकाउंट खुल गया और उसमे २ साल के लिए काफी पैसे जमा कर दिये गये |
रमेश मेरा अहसानमंद था | मैने, रमेश को बोला, मैने कोई अहसान नहीं किया | पहला तुम एक अच्छे इंसान हो और तुम्हारे लिए कुछ करने मुझे ख़ुशी होगी | दूसरा अब तुम मेरे बॉयफ्रेंड हो और तुम्हे मेरे साथ नाजायज संभंद रखने मे यहाँ परेशानी होगी | तो, अब तुम और हम ऐसी जगह मिलेंगे, जहा हम सबसे अनजान हो | उसको कोई तकलीफ नहीं थी |रात के खाने के बाद उसने मुझे पूरी रात खुश किया और हम दोनों नंगे लिपट कर सोये | सुबह मै जल्दी उठ चुकी थी और मेरे दोस्त आने शुरू हो गये थे | रमेश अभी सो ही रहा था | हम सब औरते मेरे बेडरूम मै जमा थी और सब मेरी क्सिमत से ईर्ष्या कर रही थी | सबको रमेश का शरीर पसंद आ गया था और उसका नंगा बदन सबके तन-बदन मे आग लगा रहा था | सबने अपने कपडे उतारने शुरू कर दिये और सब के सब नंगी खड़ी हुई थी | ये पहला मौका नहीं था; कि हम सब एक साथ नंगे हुए थे | फिर, हम सब अपने-अपने चूचो को दबा रहे थे और अपनी चुतो मे ऊँगली कर रहे थे |
हम सबके मुह से मस्ती मे कामुक आवाज़े निकल रही थी | आवाज़े सुनकर रमेश की आँखे खुल गयी और इतने सारी नंगी औरतो को अपने चलो तरफ देखकर वो भौचक्का रहा गया | उसने मुझे पूछा, ये सब क्या है? तो मैने कहा, आज तुम्हे हम सब को एक साथ झेलना पड़ेगा | फिर, दो सब उसके पास बैठ गयी और एक ने अपना चुचा उसके मुह मे घुसा दिया और एक औरत उसके लंड से खेलने लगी | उसने उसका लंड अपने मुह मे ले लिया था और उसको जोर-जोर से चूसने लगी | रमेश दर्द से चिला रहा था; लेकिन, सारी औरत पागलो की तरह उसे चूम रही थी |फिर, हमने उसको पलंग पे लिटा दिया और एक औरत ने अपनी चूत उसके मुह पर रख दी और रमेश उसको चूसने लगा | रमेश का लंड सीधा खड़ा था | दूसरी औरत ने अपनी चूत को खोलकर रमेश के लंड मे घुसा दिया और खुद को चोदने लगी | अब हम सब से नहीं रहा जा रहा था | हम सब ने दो-दो का ग्रुप बना लिया और एक दुसरे को चोदने लगे | कोई ऊँगली से, कोई नकली लंड से, कोई गाज़र, मूली और खीरे से |
जो औरत रमेश के साथ झड चुकी होती वो अलग हो जाती और दुरसी औरत रमेश पे चढ़ जाती | कुछ देर बाद रमेश के लंड ने खड़ा होना छोड़ दिया; आज शायद रमेश १०-१२ बार एक साथ झड चुका था | सारी औरते तृप्त हो चुकी थी और रमेश से काफी खुश थी | फिर, मै शर्त जित चुकी थी और शर्त का इनाम एक कार था, जो मेरे फार्महाउस मे आ गयी थे | मैने वो कार रमेश को दे दी और कहा, अब हम सब तुम्हारे लिए है | फिर, रमेश के बारे मे, मैने सबको बताया और सब ने रमेश को किसी भी तरह और कहीं भी मद्दत के कहा | रमेश मेरा बहुत ही अहसानमंद था और मेरी सारी दोस्त चले गये | जिस दिन रमेश को जाना था | उस दिन सारी दोस्तों ने उसे पार्टी दी और उसको छोड़ने एअरपोर्ट तक आये | मै खुद उसके साथ जा रही थी; ताकि, उसको किसी तरह की तकलीफ ना हो |

जिगोलो की मस्त पार्टी

जिगोलो की मस्त पार्टी
दोस्तों, मेरा नाम सम, लेकिन असली नाम सुमित है | जैसा मै काम करता हु, वहा पर सुमित नाम अच्छा नहीं लगता है | वहा पर कुछ मस्त नाम अच्छा लगता है | मै लड़कियों और औरतो की पार्टियों मे डांस करता हु | आज मै आपको इसी तरह की एक पार्टी के बारे मे बताता हु | वो पार्टी मेरी जिन्दगी की सबसे गन्दी पार्टी थी और उस पार्टी मे सबसे ज्यादा औरते थी और उन्होंने ने मेरी जो हालत की, उसको सोचकर ही मेरे रौंगटे खड़े हो जाते है | मैने अधिक से अधिक से १०-१२ औरतो को संभाला था | मै या तो दारु पीकर या गोली खाकर सेक्स करता था, ताकि मै उन सबको संभाल सकू | ये पार्टी मुझे एक जाने वाले से मिली थी | वो एक ऊचे घर की औरतो के फीमेल क्लब की मेम्बर थी और उस क्लब ने मेम्बर्स को क्रिसमस पार्टी दी और मुझे पार्टी को मजेदार, सेक्सी और कामुक बनाना था | वो क्लाईंट मुझे बहुत खुश थी और मै उसकी ३-४ पार्टी होस्ट कर चुका था | उस पार्टी मे करीब ३० औरते थी और सब की सब ४०-४५ साल के बीच थी और मेरे अनुभव से इस उम्र की औरतो को संभालना बहुत मुश्किल होता है | मुझे केवल एक जिगलो के लिए बोला गया था, लेकिन जितना पैसा वो मुझे दे रहे थे; उसमे मैने अपने एक साथी को तैयार कर लिया था, लेकिन मैने उसको फ़ोन करने के लिए बोला था |मै पार्टी से २ घंटे पहले पहुच गया, ताकि मै माहौल के हिसाब से मूड बना सकू और अपनी सारी दवाईया ले सकू, क्योकि एक बार प्रोग्राम चालू होने के बाद किसी चीज़ के लिए टाइम नहीं मिलता | ये सारी औरते भुकड़ो की तरह मर्दों पर टूट पड़ती है | मुझे एक बावर्ची बनाना था और सारी औरतो के सामने एक-एक करके सारे कपडे उतारने थे और हर औरत की डिमांड को पूरा करना पड़ता था |  मुझे वो ड्रेस पहले ही मिल गयी थी और मैने अपनी पूरी तैयारी कर ली थी और पार्टी हॉल मे आ गया था | सबसे पहले मेरी क्लाईंट और क्लब का मेनेजर आये थे और उन्होंने मुझे सारी चीजों के बारे मे बता दिया था और उस लेडी ने मुझे कुछ औरते की खास चीजों के बारे मे बता दिया | पार्टी शुरू हो गयी और कुछ लोग ताश खेलने लगे और कुछ औरते गपशप करने लगी और कुछ लोग ड्रिंक्स लेने लगे |मैने कोई धमाकेदार एंट्री नहीं ली | मै पार्टी मे पंहुचा और औरतो को कंडोम बाटने लगा | औरते मुझे देखकर पागल होने लगी और कोई मुझे किस कर रहा था और कोई मेरे लंड को पकड़ने की कोशिश करने लगी | एक औरते ने थोड़े से ज्यादा पी ली थी, और वो मेरे कपडे फाड़ने लगी | दूसरी औरतो ने मुझे उस औरत से बचाया और मैने अपना काम फिर से शुरू कर दिया | फिर, कुछ समय के बाद, मैने एक-एक करके अपने कपडे उतारने शुरू कर दिये | औरते पागल होने लगी और तेज़ म्यूजिक के साथ जोर-जोर से चिल्लाने लगी | मुझे तब तक डर नहीं लगना शुरू हुआ था, लेकिन अब मुझे डर लगना शुरू हो गया था | मैने क्लब मेनेजर को बोला, आज ये सारी औरते मुझे खा जाएँगी, आप बोलो तो, एक और बन्दे को बुला लेता हु | औरतो का व्यवहार देखकर मेनेजर ने हां कर दी और मैने उसको बुला भेजा | वो बंदा १५ मिनट मे आ गया और फिर हुआ कामुक खेल शुरू | तेज़ म्यूजिक के बीच मे हमारी मस्ती और औरतो के शोर ने माहौल को मस्त कर दिया था |औरतो ने हमारे दोनों को अलग-अलग ले जाकर गोले बना लिए और हम दोनों ही अलग-अलग गोलों के बीच मे डांस करने लगे | हमारे बदन से कपडे कम हो रहे थे और औरते चिल्ला रही थी | उसके बाद हम दोनों ही नंगे हो गये और हमारे लंड खड़े होने लगे | तभी एक औरत आयी और मेरे लंड को खीचने लग गयी | फिर एक और औरत आयी और उसने मेरे होठो पर अपने होठो रख दिए | उसके बाद तो सारी औरते हम पर टूट पड़ी और हमारे बदन को चूमने लगी | कोई हमारे होठो को चूस रहा था और कोई हमारे लंड से खेल रहा था | कुछ देर बाद सारी औरते के कपडे उतरने लगे और सब आपस मे लग गयी | वो एक दुसरे के चूचो को दबा रही थी और कुछ ६९ की मुद्रा मे एक दुसरे की चूत को चूस रही थी | मै और मेरे दोस्त को एक-एक लड़की मिल गयी और हम उसको चोद रहे थे |कुछ देर बाद वहा पर सिर्फ औरतो के कसमसाने की और कहराने की आवाज़े आ रही थी और सब एक दुसरे से लिपटी हुई थी और सब कुछ ठंडा हो चुका था | हम दोनों ने अपनी-अपनी प्यास बुझाई और कपडे पहनकर निकल गये | लेकिन, सब औरतो ने उस रात बहुत मस्ती की और उसके बाद मुझे काफी काम मिला और मेरी लाइफ बन गयी |

सीमा की मस्त चुदाई और मेरी आफत

सीमा की मस्त चुदाई और मेरी आफत
दोस्तों, आप लोग कैसे है?मेरा नाम समीर है और मैने आपके साथ अपने कुछ सेक्स वृतांत बांटे है | आज, मै आप के साथ कुछ मजेदार और बहुत ही कामुक वृतांत बंटाना चाहता हु | मेरे दोस्त आनंद की गर्लफ्रेंड सीमा की बर्थडे पार्टी थी | आनंद ने मुझे भी चलने की जिद की, तो मै भी उसके साथ चला गया | सीमा के साथ, मै कई बार घुमा था और हम तीनो कई बार बाहर भी गये थे | आनंद मेरे अंकल का बेटा था | आनंद के पापा और मेरे पापा, बिज़नस मे साझीदार हुआ करते थे | जब दोनों के परिवार बढने लगे और खर्चे बढने लगे, तो दोनों के बीच मे खर्चो को लेकर दिवार बनाने लगी और मेरे पापा और उसके पापा ने अपनी दोस्ती को बरक़रार रखते हुए, बिज़नस को अलग कर लिया | अब हम दोनों परिवार सिर्फ दोस्त थे | हम दोनों की काफी पटती थी और हम दोनों खाना भी साथ ही खाते थे | सब कुछ काफी अच्छा चल रहा था | मुझ मे और आनंद मे, एक बात अलग थी | आनंद लड़कीबाजी मे रहता था और मुझे लड़कियों मे कोई दिलचस्पी नहीं थी | लेकिन, फिर भी हम दोनों के दिल मिले हुए थे |सीमा की बर्थडे पार्टी मे, मुझे मालूम था, कि मै बोर होने वाला हु, लेकिन आनद के खातिर जाना पड़ा | फिर, वही हुआ, जो होने था; आनंद तो लग गया सीमा के साथ और मै बोर होते हुए समय काट रहा था | हालाकि, सीमा ने मुझे देखकर अपनी एक अच्छी सहेली को मेरे साथ लगा दिया था और उसने मेरा पूरा ख्याल रखा; लेकिन मैने उससे शायद ही कोई बात की होगी | तभी, ऐसा कुछ हुआ; जिसने मुझे अन्दर तक निचोड़ दिया और मुझे प्यार की वास्तिविक परिभाषा के बारे सोचने पर मजबूर कर दिया | हम तीनो, सीमा के केक के पास खड़े हुए थे और आनंद कहीं बाहर किसी काम से गया हुआ था | सीमा बिलकुल मेरे बराबर मै खड़ी हुई थी और हम दोनों का ही बदन लगभग आपस मै छु रहा था | अचानक से बिजली चली गयी और सीमा ने मेरा लंड पकड़ लिया और बोली, एक बात बोलू- साला तू अपने दोस्त से ज्यादा मस्त है; लेकिन तू लल्लूलाल है, वरना इतने इशारो के बाद तो तू मुझे कम से कम २०-२५ बार छोड़ चुका होता | जब तक मै कुछ समझ पता, बिजली आ गयी और सीमा ने मुझे आंख मार दी | मै सीमा के सामने बुत बना हुआ खड़ा था और कुछ भी बोल नहीं पा रहा था |सारी पार्टी खत्म हो गयी और आनंद ने मुझे मेरे घर छोड़ दिया और अपने घर चले गया | मै सिर्फ बिस्तर पर करवटे बदल रहा था और मुझे कुछ भी समझ नहीं पा रहा था | इतने मे, सीमा का फ़ोन आ गया | मैने ना चाहते हुए भी, उसका फ़ोन फ़ोन उठाया | सीमा ने बोलना शुरू कर दिया, क्या हुआ? परेशान हो | ज्यादा मत सोचो | अभी भी मौका है, हाथ साफ़ कर लो; वरना निकल गयी, तो तुम्हरा लंड प्यासा रह जायेगा | फिर, मैने उसको पूछा तुम तो आनंद से प्यार करती हो | वो बोली, साले ऊपर से उसकी का नाम लिखवाकर थोड़ी आयी हु | वो और मै दोनों मस्ती करते है और एक दुसरे के शरीर की प्यास को बुझाते है, बस इतना ही रिश्ता है हम दोनों के बीच | प्यार का तो सिर्फ दिखावा है | आज तो मेरे ऊपर बूम फूट रहे थे ओ मेरे सर मे सोच-सोचकर दर्द होने लगा था | सुबह, मैने आनंद से उन दोनों की शादी के बारे पूछा, तो आनंद भड़कने लगा और बोला, तू पागल हो गया है; भला रंडी के साथ भी कोई शादी करता है | वो साली हरामी केवाल्चोड़ने के लिए ही अच्छी है शादी के लिए नहीं |फिर, मुझे सारा चक्कर समझ आ गया और मैने आनंद को सब कुछ बता दिया | आनंद बोला, साले ये हम दोनों का ही तो प्लान था और हम तीनो एक साथ सेक्स करना चाहते थे और एक विश्वनीय बन्दे की जरुरत थी और तुझसे ज्यादा भरोसेमंद कौन है? ये सब बोलकर आनंद हंसने लगा और मेरा चेहरा किसी उल्लू के माफिक लग रहा था | इतने मे, सीमा भी आ गये और उस दिन वो अपनी गाड़ी भी लेकर आयी थे | मुझे सकते मे देखकर बोली, इसे क्या हुआ? सब कुछ बता दिया था | मैने बोला, कुछ नहीं; तुम दोनों झटको पर झटको दे रहे हो; उबरने का मौका तो दो और फिर हम सब हंस पड़े | हम तीनो सीमा की गाड़ी मे निकल पड़े | रास्ते के लिए उन दोनों ने काफी सारा खाने का सामान ले लिया और मेरे बार-बार पूछने पर भी नहीं बताया, कि हम लोग कहाँ जा रहे थे | सीमा गाड़ी चला रही थी और मुझे रात भर ना सोने के कारण से नीद आ गयी | जब मेरी नीद खुली तो देखा, हम लोग किसी अकेले से स्थान पर है और नदी के किनारे है | कुछ भी बोलो, जगह बड़ी मस्त थी |मै गाड़ी मे अकेला ही लेटा हुआ था और वो दोनों गाड़ी के बाहर नंगे होकर लेटे हुए थे और एक दुसरे के ऊपर चढ़े हुए थे | आनंद, सीमा के ऊपर चड़ा हुआ था और तेजी से धक्के मार रहा था | सीमा के मुह से मस्ती मे सिर्फ अह्ह्ह…ऊऊ….ऊऊऊऊ…मस्त…साले छोड़ मुझे निकल रहा था | मै गाड़ी से बाहर निकला और उनके सामने खड़ा हो गया | आनंद बोला, अबे देख क्या रहा है? लोहा गरम है, आजा कपडे उतारकर और मार दे हथोड़ा | मुझे शर्म आ रही थी और मैने अपना मुह मोड़ लिया | सीमा उठी और मुझे से आकर पीछे से चिपक गयी | उसके चुचे मेरी कमर मे धस गये, मेरे शरीर मे करंट दौड़ गया और मेरे लंड ने एक दम झटके मरना शुरू कर दिया | सीमा ये देखकर हंस पड़ी और उसने अपने हाथो मे, मेरा लंड पकड़ लिया |फिर आनंद मेरे पास आया और मेरे कपडे खोलने लगा | मैने आनंद को बोला, तू पागल हो गया है, क्या कर रहा है? आनंद ने मुझे एक ही झटके मे नंगा कर दिया और मेरा मोटा और बड़ा लंड उन्दोनो के सामने झूल गया | सीमा तो मेरा लंड देखकर उछल  पड़ी और आनंद ने बोला, साले तेरा तो मुझसे भी बड़ा है | सीमा ने आव ना देखा ताव और मेरा लंड अपने हाथो मे ले लिया और उनको झटके मारने लगी | मेरा लंड काफी मोटा हो चुका था और सीमा जोर-जोर से मेरा हस्त्मथुन कर रही थी | फिर, सीमा अपने घुटनों पर बैठ गयी और उसने मेरा लंड अपने मुह मे ले लिया और उसको चूसने लगी | ये मेरा पहला सेक्स था और मेरा लंड की खाल भी नहीं उतरी थी | मेरे से खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा था और आनंद ने मुझे पीछे से पकड़ लिया और उसका लंड मेरी गांड की लकीर से टकरा रहा था | अब मुझ से रहा नहीं जा रहा था और मेरे लंड से कुछ बाहर निकलने वाला था | मेरी गांड बड़ी तेजी से चलनी शुरू हो गयी | सीमा को समझ आ गया, कि मै झड़ने वाला हु, और उसने भी बड़ी तेजी से मेरे लंड को चुसना शुरू कर दिया | कुछ ही सेकेंड मे, मैने अपने लंड से मुह से एक तेज गरम पानी की धार निकलती हुई महसूस की और मैने अपना सारा पानी सीमा के मुह के अन्दर छोड़ दिया और सीमा ने भी मेरा सारा पानी पी लिया और अपने होठ मेरे लंड से चिपका दिये और चूस-चूसकर मेरा सारा पानी निकाल दिया | मेरे अन्दर तो सारी ताकत तो खत्म हो गयी थी और मै जमीन पर लेट गया |मेरा तो काम हो चुका था, लेकिन सीमा अभी बाकी थी | मैने उनका सेक्स बीच मे रोक दिया था | मुझे वही छोड़कर, सीमा आनंद के लंड पर चढ़ गयी और उसके लंड से खेलने लगी | आनंद जमीन पर लेट गया और उसका लंड खुली हवा मे, आसमान मे तन्ना हुआ था | सीमा उसके ऊपर आयी और अपनी चूत को खोलकर, उसके लंड पर बैठ गयी और उछलने लगी | आनंद के हाथ सीमा के चुचे पर थे और वो मस्ती मे उनको दबा रहा था | अचानक से, सीमा ने तेजी से उछलना शुरू कर दिया और एक ही झटके मे, धम्म से बैठ गयी | उसकी चूत से सफ़ेद पानी बाहर आकर आनंद के शरीर पर फैलने लगा | सीमा ने कूदना बंद कर दिया और वो निकलकर, आनंद के साथ मे गिर पड़ी | आनंद भी झड़ चुका था और उसका वीर्य उसके लंड से निकलकर उसके शरीर पर गिरने लगा | हम सब अलग-अलग लेते हुए थे और मस्ती मे गिरे हुए थे | सीमा ने उस दिन मस्त चुदवाई और मुझे भी मज़ा दिया | उसके बाद तो, सीमा और मै तो अक्सर मिलने लगे और सीमा ने मुझे चोदने की आदत लगा दी |

नौकरानी का सामूहिक चोदन कार्यक्रम

नौकरानी का सामूहिक चोदन कार्यक्रम
मेरा नाम विजय है और मै एक शहर के बाहर एक घर मे अपने दोस्तों के साथ रहता हु | हम लोग, कुछ मिलकर ६ लोग है और एक ही जगह नौकरी करते है | चुकि, हम लोगो का काम शहर के बाहर है, तो कंपनी ने एक घर किराये पर ले रखा है और हम सब वही रहते है | दिन मे, हम सब लोग काम पर होते है और रात मे और शाम मे घर पर आ जाते है | कंपनी ने हम सब के लिए काफी अच्छा इंतजाम कर रखा है | हमारे लिए घर के अन्दर ही एक छोटा सा जिम है, बार है और स्विम्मिंग पूल भी है, ताकि हमें किसी भी चीज़ के लिए शहर जाने के जरुरत ना पड़े | हमारे घर मे खाना बनाने के लिए एक लिली नाम नौकरानी आती है | उसकी उम्र को ४० साल होगी, लेकिन वो सवाले रंग की मस्त फिगर वाली औरत है | उसकी फिगर जरुर ३६-३०-३८ रही होगी | वो साड़ी पहनती थी और साड़ी मे से उसकी गांड मस्त दिखती थी | लिली सुबह आती थी और घर का काम करके चली जाती थी और शाम को हमारे आने के बाद खाना बनाने के लिए आती थी |हम सब जब भी घर मे अकेले होते थे और सब साथ मे बैठे होते थे, तो हम सब लिली के बारे मे ही बातें करते थे | कोई उसकी गांड को चाहता था और कोई उसके चूचो को | एक दिन हम सब ने उसको चोदने का प्रोग्राम बनाया | हमें मालूम था, कि उसके घर की आर्थिक स्थिथि अच्छी नहीं है और ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाने के काम करती है | एक दिन हमने उसको १००० रूपये दिये और बोला, कि कल पुरे दिन के लिए घर आना | हम लोगो की कल छुट्टी है और कल हम सब घर पर ही रहने वाले है तो हमें सारा दिन काम रहेगा | लिली ने मुस्कुराते हुए पैसे ले लिए और कल आने के लिए बोलकर चली गयी | अगले दिन जब वो सुबह आयी तो हम सब ऐसे ही सोए पड़े थे और किसी का लंड उसके निकर से बाहर निकल रहा था और किसी का हाथ उसके निकर के अन्दर था | वो छि:-छि: करते हुए अपना काम करने लगी और हम सबने भी उठाना शुरू कर दिया | हम सब फ्रेश हुए और सब के सब नंगे होकर पूल मे कूद पड़े | हम सभी लोग अंडरविअर मे थे और लिली हम सबको काम करते हुए देखकर मुस्करा रही थी और हम सबको बच्चा समझकर अपना काम कर रही थी |हम सब पूल मे मस्ती कर रहे थे और खेल रहे थे और तभी मै पूल से निकला और अंडरविअर मे ही रसोई मे चला गया और लिली से पानी माँगा | मेरा लंड एक दम खड़ा हुआ था और अंडरविअर गीला होकर एक दम मेरे शरीर से चिपक गया था और मेरे खड़े लंड का पूरा-पूरा आकार दिख रहा था | लिली ने मेरे लंड को देखा और शर्मा कर मुह को दुसरी तरफ घुमा लिया | मुझे बड़ी जोर से पेशाब लगा था, तो मै पेशाब करने बाथरूम मे चले गया और जब वापस आया; तो देखा, कि सब लोग लिली को बाहर खीचकर ले गये और उसको पूल मे बुलाने लगे | लिली डरकर भागने लगी; लेकिन सबने उसे पकड़ लिया और उसको पूल मे खीच लिया | उसको तैरना नहीं आता था और वो पानी मे गोते खाने लगी | दो लडको ने उसकी गांड के नीचे हाथ लगा दिया और उसको उठा लिया | हम सब लोग पूल मे ही अपने अंडरविअर उतार चुके थे और हम सबके अंडरविअर पूल के पानी पर तैर रहे थे | लिली ने थोडा सा डरकर बोला, क्या करने वाले हो सब लोग?, हम सब हसने लगे और मुस्कुराने लगे | अचानक से लिली की चेहरे का उड़ा हुआ रंग वापस आ गया और चेहरे पर मुस्कान वापस आ गयी |हम सब के सामने ही उसने अपने पुरे कपडे पूल मे उतार दिये और अभी भी, वो लोगो के हाथो पर बैठे हुई थी | फिर वो बोली, कि मै तुम सब को खुश कर दूंगी, लेकिन फ्री मे नहीं | काम तुम्हारा और दाम हमारा….आआआआआआआ | हम सब लोग खुश हो गये और बोले, पैसे से कोई परेशानी नहीं | बस आज पुरे दिन तुम हमें खुश कर दो | फिर, हमने लिली को पूल की साइड पर बैठा दिया और उसके पैर खोल दिये | एक बंदा उसके चूचो पर टूट पड़ा, दो लोगो के लंडो को उसने अपने हाथो मे ले लिया और उनका मुठ मारने लगी | एक बन्दे ने अपना लंड, उसके मुह पर रगड़ना शुरू कर दिया और मैने अपना मुह उसकी चूत मे घूसा दिया | लिली बहुत ही मस्ती मे अपना शरीर हिला रही थी और मस्ती मे उसके मुह से आआआ…..ऊऊऊऊओ…निकल रहा था | फिर, हम सब लोगो ने उसको पूल से बाहर खीच लिया और हम सब भी बाहर आ गये और उसके इर्द-गिर्द खड़े होकर अपने-अपने लंड हिलाने लगे | लिली बहुत ही बहादुर थी, कि एक साथ ६ लंड देखकर डरी नहीं | फिर, उसके दो लंडो को अपने हाथ मे ले लिया और उसको बारी-बारी से चूसने लगी और एक बन्दा अपने घुटनों पर बैठ गया और उसने अपना लंड लिली की गांड पर रगड़ना शुरू कर दिया |मै ऊपर आ गया और लिली की चूत पर अपना लंड घिसने लगा और एक एक जोरदार धक्के के साथ मैने अपने लंड लिली की गांड मे घूसा दिया | इतने मे, लिली की गांड का छेद भी गीला हो चुका था और उस बन्दे का लंड भी काफी चिकना हो चुका था | उसने एक जोरदार धक्का नीचे से ऊपर मारा और उसका लंड लिली की गांड मे घुस गया | लिली चिल्ला उठी और अब लिली के तीनो छेद चुद रहे थे और लिली पुरे मज़े से सबके लंडो को शांत कर रही थी | मै अब झड़ने वाला था और नीचे वाला बंदा भी | हम दोनों ने ही, जोर से जोर धक्के मारकर अपना-अपना पानी लिली की चूत और गांड मे छोड़ दिया और फिर, एक-एक करके ६ के ६ बन्दों ने उसको चोदा और उसकी गांड मारी | उसकी गांड और चूत के छेद लाल होकर सूज गये थे | हम सब थक कर तर्प्त हो चुके थे और लिली भी मस्ती मे पूल पडी थी | कुछ देर मे लिली उठी और मेरे कमरे मे आकर लेट गयी | मै और लिली एक दुसरे की बाहों मे सो गये और शाम को लिली ने सबके लिए खाना बनाया और मुझसे पैसे लेकर चली गयी |

राहुल का जन्मदिन और देसी सेक्स पार्टी

राहुल का जन्मदिन और देसी सेक्स पार्टी
“ जन्मदिन मुबारक हो, बेटे”, राहुल ने जैसे ही ड्राइन्गरूम मे कदम रखा उसके मम्मी-डैडी ने कोरस मे गाते हुये कहा. आज राहुल का १८वाँ जन्मदिन था. आज उसके दोस्तों ने उसे एक सरप्राइज पार्टी देने का वादा किया था और वह बहुत उत्सुक था लेकिन वह नहीं जानता था कि आज के देसी सेक्स पार्टी में उसका कुवाँरापन लुटने वाला था. उसे सेक्स का कोइ अनुभव नहीं था देसी सेक्स पार्टी के बारे में तो वह सपने में भी नहीं सोच सकता था. उसने तो देसी सेक्स पार्टी का नाम भी नहीं सुना था कि देसी सेक्स पार्टी किस बला का नाम है.
“आज तुम्हारे कितने दोस्त आनेवाले हैं, बेटे”? मम्मी ने नाश्ता लगाते हुये प्रश्न किया.
“आज हमारा बेटा अपनी पार्टी घर पर नहीं, बाहर अपने दोस्तों के साथ करेगा” राहुल के डैडी ने कहा. राहुल ने अपने डैडी की ओर प्रशन्सा भरी नजरो से देखा, जो बिना कहे सबकुछ समझ जाते थे, और घर से बाहर हो गया और तेजी से रमेश के घर की ओर चला जहाँ उसके सारे दोस्त बेसब्री से उसका इन्तजार कर रहे थे. वे भी देसी सेक्स पार्टी के लिये बहुत उत्सुक थे.
राहुल एक लम्बा, गोरा, गठीले शरीर वाला बहुत सुन्दर पर शर्मीला लङका था. लङकिया उस पर मरती थी पर वह उनसे बात करते भी शर्माता था. रमेश अपने घर के बाहर खङा उसका ही इन्तजार कर रहा था. उसने राहुल को गले लगा लिया और जन्मदिन की बधाई दी. अन्दर रमेश की गर्ल फ्रेन्ड रीमा, राजु और उसकी गर्लफ्रेन्ड टीना बैठे थे. सबने राहुल को शुभकामना दी. रमेश अन्दर गया और जब वह लौटा तो उसके साथ दो बडे-बडे थैले थे जिसे उसने टेबल पर रख दिया. रीमा ने थैले से सामान निकालकर सजाना शुरु किया. जब उसने शराब की बोतल निकाली तो राहुल चौंका और पुछा, “ शराब कौन पियेगा?” उसकी बात सुनकर सभी हँस दिये और रमेश ने कहा, “हमसब पियेगें”. राहुल ने रीमा और टीना की ओर देखा जो रमेश के साथ ही हँस रही थीं.
शराब का दौर शुरु हुआ और सबने राहुल को जबरदस्ती शराब पिला दी. राहुल ने पहली बार पी थी अतः तुरंत ही नशे में हो गया, “हमें शराब नहीं पीनी चाहिए थी, मैं घर कैसे जाउगाँ?” उसकी बात पर सब ठठाकर हँस पङे. “बेटे, अभी तो महफिल शुरु हुई है, आगे-आगे देखिए होता है क्या,” रमेश ने झुमते हुए कहा तो सभी पुनः हँस पङे.
अब सभी नशे में आ गये थे. “अरे यार, बङी गर्मी लग रही है” यह कहते हुये राजु ने अपनी कमीज उतार दी और उसकी देखा-देखी सबने अपनी कमीज उतार दी. राहुल रीमा और टीना को सिर्फ ब्रा और पैन्टी में देखकर हैरान रह गया. “राहुल, तुम भी अपनी कमीज उतार दो, बङी गर्मी है” टीना ने कहा और स्वयं ही उसकी कमीज के बटन खोलने लगी. राहुल ने उसे रोकने की कोशिश की पर रीमा ने भी टीना का साथ दिया और इस कोशिश में वह जमीन पर गिर गया. इस बीच रीमा ने राहुल की पैंट भी खोलनी शुरु कर दी. अब राहुल सिर्फ अंडरवियर में था और शर्मा रहा था. “शर्माओ मत, राहुल, लो, हम भी अपने कपङे उतार देते हैं,” रमेश ने कहा और देखते-देखते सभी ने अपने सारे वस्त्र उतार दिये.
राहुल कुछ समझ नहीं पा रहा था, आखिर यह हो क्या रहा था. रमेश और राजु के लंड तने हुये थे और रीमा और टीना उन्हें प्यार से सहला रही थीं और रमेश और राजु उनके चूचें सहला रहे थे. रीमा की गीली चूत से पानी गिर रहा था और टीना की चिकनी चूत को राजु अपनी उँगली से छू रहा था. यह सब देखकर राहुल दुविधा में पङा था. उसका लण्ड भी तना हुआ था और अन्डरवियर से बाहर आने के लिये छटपटा रहा था
उसकी दुविधा देखते हुये राजु ने कहा,”माई डियर फ्रेन्ड, आज तुम बालिग हो गये और जिन्दगी के मजे लेने के लिये आजाद हो. यह छोटी सी कोशिश हमारी तरफ से तुम्हे जन्मदिन का तोहफा है, समझे, इसलिये जो हो रहा है, उसका मजा लो.”
राहुल भौँचक उसका मूँह देखता रह गया.
देसी सेक्स पार्टी शुरु हो चुकी थी. अचानक रीमा आगे बढी और उसने राहुल का लन्ड पकङ लिया. राहुल घबड़ा कर पीछे हटा पर रीमा की पकड़ मजबूत थी. उसने राहुल का लन्ड पकड़ कर अपनी ओर खीँचा और राहुल उसके उपर आ गिरा. आजतक राहुल को न किसी लड़्की ने छुआ था ना ही उसने और आज वह सीधा एक नंगी लड़्की की बाहोँ में था.  देसी सेक्स पार्टी अब चरम पर थी.
राहुल के पूरे बदन में सनसनी दौङ गयी. रीमा के चूँचे कड़े थे और राहुल के सीने में चुभ रहे थे. राहुल का लण्ड रीमा की चिकनी चूत को छू रहा था. राहुल ने हटने की कोइ कोशिश नहीं की उल्टा उसने अपने लण्ड को रीमा के चूत में घुसाने की कोशिश की. रीमा उसका इरादा समझ कर खिलखिला कर हँस पड़ी और कहा,”पहले चड्डी तो उतार, बुद्धू” और रीमा ने ही उसकी चड्डी उतार दी. देसी सेक्स पार्टी में वह भी शामिल हे गया.
अब राहुल उन सब की तरह ही पूरी तरह नंगा खड़ा था. उसका लण्ड सबसे बड़ा और मोटा था. उसका लण्ड देखकर दोनो लड़्कियोँ के मूँह में पानी भर आया और दोनो एक साथ ही राहुल पर झपटीं. रीमा ने राहुल का लण्ड अपने मूँह में लेकर चूसना शुरु कर दिया. टीना अपने चूचियों से राहुल के बदन को सहलाने लगी. राहुल को ऐसे सुख का अनुभव पहले कभी नहीं हुआ था. उसकी आँखे बन्द हो गयीं और मूँह से सीत्कारें निकलने लगीं. उसकी कुँवारी जवानी फनफना रही थी. उसका लन्ड मूसल की तरह तना हुआ था और बरसने ही वाला था. अब उसे  देसी सेक्स पार्टी में मजा आने लगा था.
राहुल ने आँखे खोलीं और टीना को अपने नजदीक पाकर उसकी चूचियों को दोनो हाथों से पकड़ लिया. अचानक उसकी नजर रमेश और राजु पर पड़ी जो गाँड़् सम्भोग करने में व्यस्त थे. राजु अपने गाँड़ उपर किये झुका हुआ था और रमेश उसकी कमर पकड़ कर अपना लन्ड उसकी गाँड़ में घुसेड़े हुये जल्दी-जल्दी अन्दर-बाहर कर रहा था और राजु खुशी से उसे और जोर से चोदने के लिये कह रहा था. राहुल का मन भी गाँड़ सम्भोग के लिये मचलने लगा. अचानक रीमा खड़ी हो गयी और उसने राहुल का लन्ड अपनी चूत पर रख लिया और राहुल ने उसकी इच्छा समझ कर अपने लन्ड को जोर से उसकी गीली चूत में घूसेड़ा जो फचाक से अन्दर चला गया. वाह रे!  देसी सेक्स पार्टी!
राहुल के लिये चुदाई का यह पहला अवसर था लेकिन उसने एक खिलाड़ी की तरह रीमा को चोदना शुरु कर दिया. रीमा मोटे लन्ड की चुदाई से मस्त हो गयी. थोड़ी ही देर में राहुल ने रीमा की चूत में वीर्य की बरसात कर दी. रीमा भी अपने चरम पर पहुँच चुकी थी और राहुल ने अपना लन्ड उसकी चूत से बाहर निकाल लिया. अब टीना ने राहुल के लण्ड को अपने मूँह में लेकर चूसना शुरु कर दिया. राहुल का लण्ड अब भी मूसल की तरह ही तना हुआ था. राहुल ने रमेश और राजु की ओर देखा जो अपनी जगह बदल चुके थे और अब राजु रमेश की गाँड़ मार रहा था. यह देखकर राहुल के मूँह में पानी भर आया और वह भी गाँड़ सम्भोग के लिये व्याकुल हो गया.
पर पहले उसने टीना को सोफे पर लिटाया और उसकी भरी हुई जाँघों पर, गीली चूत पर, कड़े चूँचो पर अपने होठ फिराने लगा. जब टीना सीत्कारें मारने लगी तब उसने उसकी चूत मेँ अपना मूसल जैसा लन्ड घुसेड़ दिया. काश! ऐसी  देसी सेक्स पार्टी उसने पहले से देखी होती.

वैधानिक चेतावनी

वैधानिक चेतावनी : ये साईट सिर्फ मनोरंजन के लिए है इस साईट पर सभी कहानियां काल्पनिक है | इस साईट पर प्रकाशित सभी कहानियां पाठको द्वारा भेजी गयी है | कहानियों में पाठको के व्यक्तिगत विचार हो सकते है | इन कहानियों से के संपादक अथवा प्रबंधन वर्ग से कोई भी सम्बन्ध नही है | इस वेबसाइट का उपयोग करने के लिए आपको उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए, और आप अपने छेत्राधिकार के अनुसार क़ानूनी तौर पर पूर्ण वयस्क होना चाहिए या जहा से आप इस वेबसाइट का उपयोग कर रहे है यदि आप इन आवश्यकताओ को पूरा नही करते है, तो आपको इस वेबसाइट के उपयोग की अनुमति नही है | इस वेबसाइट पर प्रस्तुत की जाने वाली किसी भी वस्तु पर हम अपने स्वामित्व होने का दावा नहीं करते है |