सोमवार, 1 फ़रवरी 2016

देसी इंडियन लड़की साक्षी की चिकनी योनि की मस्त चुदाई


दोस्तों मैं नॉएडा में रहने वाली एक देसी इंडियन लड़की हूँ और मेरा नाम साक्षी है। मुझे ऑनलाइन सेक्स चैट और सेक्स कहानियाँ पढ़ना पसंद है। मेरा प्रोफ़ाइल ३४-२८-३४ है। मेरे मस्त गोल स्तन हर किसी को अपना दीवाना बना लेते हैं। जब कभी मैं टीशर्ट और अपनी पसंदीदा जींस पहनती हूँ तो अच्छे अच्छे लंड मेरे आगे पानी छोड़ने लगते हैं। मेरा रूममेट फ्रेंड आकाश टी शर्ट में मेरे नर्म गर्म स्तन देख कर पागल हो उठता है। मैं जब भी कालेज से वापिस आती हूँ वो मेरे स्तन और चूतड़ पर च्यूंटी काट लेता है और मजेदार तरीके से दबा देता है। वह मुझे जींस और टीशर्ट में देख मेरी ब्रा से मेरे स्तनों को रिहा करने के लिए लालायित रहता है। वह मेरे चुचिओं को काटता है और कुछ ही पलों में मुझे गर्म कर देता है। उसके फोरप्ले करने के तरीके पर मैं पूरी तरह से फ़िदा हूँ।
एक दिन इसी तरह फोरप्ले के बाद आकाश ने मुझे बताया कि मैं आपको कुछ ख़ास चीज़ दिखाता हूँ जो कि तुमने कभी देखा नहीं होगा। वह अपने बैग से एक सीडी बाहर निकाल लाया और इसे अपने लैपटॉप पर प्ले कर दिया। वास्तव में ही मैं कुछ देर के बाद अपनी योनि के भीतर कुछ हरकत महसूस करने लगी थी। यह एक वीरान जंगल का दृश्य था और एक  देसी इंडियन लड़की अपने हब्शी दोस्त के साथ ६९ की स्थिति में थी।  देसी इंडियन लड़की ने अपने दोस्त के १२ इंच लम्बे और मोटे लंड के साथ खेलना शुरू कर दिया। जबकि हब्शी का मोटा लंड पूरी तरह से तना हुआ था, वह देसी इंडियन लड़की बेतहाशा लंड के साथ खेल रही थी। उसने अपने मुंह में मोटे लंड को डाल लिया और जोर जोर से चूमा। यह पूरा दृश्य मेरे जीवन में पहली बार था, जब मैं इस तरह के दृश्य देख रही थी। जबकि  देसी इंडियन लड़की मोटे लंड को चूसने में व्यस्त थी और इधर मेरी हालत बहुत खराब हो रही थी। हब्शी अब अपना मोटा लंड  देसी इंडियन लड़की की योनि में डाल चूका था और दमदार चुदाई कर रहा था। मैं कल्पना कर रही थी की वो मोटा लंड मेरी ही योनि में जा रहा है। उस लड़की के चिल्लाने की मस्त आवाज से मैं भी अब पूरी तरह गरम हो चुकी थी।
मैंने आकाश के लंड को अपने हाथ में ले लिया जो तब तक सलामी ले रहा था। मैंने अब फिल्म को देख कर लंड के साथ खेल शुरू कर दिया। हम बिना किसी देरी के ६९ की स्थिति में आ चुके थे। वह मेरी योनि चाट रहा था, और मैं पूरे मूड में उसके लंड को चूस रही थी। मेरी सख्त हो चुकी चुचिओं को दबाने के बाद उसने मेरी योनि को फिर से चूमा। गरमी का ताव न सहते हुए आकाश ने मेरी योनि पर अपना लंड रख कर धक्के लगाने शुरू कर दिए। मैं इस सब का आनंद ले रही थी और आकाश मेरे पुरे शरीर पर चुंबन। वह अब मेरे स्तन के साथ खेल रहा था। मैं लंड पर पर खुशी के साथ उछल रही थी और एक दूसरे को अच्छी तरह से मजा दे रहे थे। मैं हब्शी के १२ इंच लंबे लंड के बारे में सोच रही थी, जबकि आकाश मेरी चिकनी योनि को चोदने में लगा हुआ था। १५ मिनट संभोग के बाद मैं लगभग चरम के निकट थी और आकाश ने मुझे खूब जोर से गले लगाया। उसने मुझे ५-६ धक्के मारे और अपने लंड को बाहर निकाल लिया। उसने अपना सारा वीर्य मेरे स्तनों पर उगल दिया। मैं उसका सारा वीर्य निगल लिया और उसके मस्त लंड को चूस कर साफ़ कर दिया।

सोमवार, 25 जनवरी 2016

दिखा दे अपनी मर्दानगी


हाई दोस्तों,
मैं एक कॉल सेंटर में काम करता था और मेरे साथ एक लड़की भी वही पे काम करती थी, उसका नाम रेशमा था | हम दोनों लग भाग वहा पे करीब पाँच साल से काम कर रहे थे | जेसा की आपको पता था की में अकेला रहता हूँ तो वो मुझे अक्सर अपने घर बुला लेती थी, उसके घर पे कोई कुछ नही कहता था और उसके घर वाले एक दम खुल के रहते थे | उसका बाप ऐसा था की घर पे सब मिल बैठ के शनिवार को सब ड्रिंक लेते थे | मैं तो पहले नही पिता था जब से उनके घर जाने लगा था तब से मुझे भी चड गयी थी पीने की | ये बात जो में आपको बता रहा हूँ ये जुलाई महीने की थी और उस महीने में रेशमा का बाप अपने काम के चक्कर से बाहर गया हुआ था | सो हर वक्त की तरह एक दिन में उसके घर गया और काम से आने के बाद उसकी माँ ने ड्रिंक लगाई थी | हम सब ने मिलके ड्रिंक ली और एक दूसरे से काफी सारे बाते की, ड्रिंक खतम होने के बाद रेशमा का फोन आया सो वो फोन लेके किसी से बात करने लग गयी थी, और कुछ देर के बाद मुझे कस के सुसु लगी तो में बाथरूम चला गया पर जल्दी ज्डली में कुण्डी लगाना भूल गया और मूतने लगा |
मैं मुठ ही रहा था की इतने में रेशमा भी अंदर घुस गयी, उसे बिकुल भी पता नही था की में अंदर हूँ और वो कुछ पल के लिए मेरे लंड से मूत निकलते हुए देख रही थी और फिर हस्ते हुए वो बाहर चली गयी | मुझे उसपे बहुत गुस्सा आया और में मूतने के बाद उसके पास गया और गुस्से में उससे पूछा की देख के अंदर नही आ सकती थी क्या ? वो बोली मूतने से पहले कुण्डी नही लगा सकता था क्या | उसकी माँ वहा नही थी जहा हम बात कर रहे थे, उसकी माँ ड्रिंक लेने के बाद किचन चली गयी थी रात के खाने के लिए |इतना कुछ हो गया और फिर में छत चला गया और वहा जाके सिगरेट पीने लगा, कुछ देर के बाद वहा रेशमा भी आई उसे पता था की में सिगरेट पिता हूँ सो वो मुझे कुछ नही बोली और मुझे सिगरेट पिता देख उसने मेरे हाथ से सिगरेट ले लिए और खुद पीने लगी | मुझे थोडा अजीब लगा की वो कब से पीने लगी सिगरेट और उसके पीने के ढंग से लग रहा था की वो इससे पहले भी काफी बार पी चुकी हे पर कब पी वो मुझे नही पता और मुझे जादा हैरानी इसीलिए नही हुई क्युकी कॉल सेंटर में ये सब मामूली बात हे |
फिर वहा की बात भी हो गयी और फिर हम दोनों निचे आ गए, निचे आके देखा की आंटी अब भी खाना गर्म कर रही थी तो तब तक रहम बोली चल समीर आज थोडा और पि लेते हे, मेने कहा मुझे और नही पीना खाना खाना हे मुझे | जादा पी लिया तो आज भूका ही लुडक जाऊंगा, वो बोली चिंता मत कर मैं तुझे टपकने नही दूंगी | मेने कहा फिर ठीक हे चल वोदका लगा, उसने चार ग्लास लगाई और खुद तीन पी गयी और एक मुझे दिया | उसको काफी चड गयी थी जो की उसके लाल आँखों से ही पता चल रहा था, मेने उसको देखा की उसकी आँखे भी कुछ और कह रही थी और बार बार मेरी चड्डी की तरफ दख रही थी और फिर मुस्कुरा रही थी | यहाँ तक फिर बात हो गयी और हम खाना खा लिए और फिर जा के मैं उसके बाप के कमरे में सो गया और वो माँ बेटी एक साथ सो गए | मेने अपने रूम का दरवाज़ा लगा दिया और फिर sucksex साईट खोल के उसमे कहानिया पढ़ने लगा और कुछ बारह बजे के आस पास में कमरे का दरवाज़ा खटखटा, मेने फट से साईट को मिनिमैज़ कर दिया और उठ के दरवाज़ा खोलने लगा मुझे लगा की आंटी होगी क्युकी वो पहले भी जब भी में उनके घर पे रहा वो रात को पानी देने आती थी |
मगर मेने जब दरवाज़ा खोला तो देखा रेशमा थी और वो अंदर घुस आई और बोली की माँ सो गयी हे और उसे नींद नही आ रही और मेरे बगल में लेट गयी | उसने मेरा लैपटॉप लिया और साईट का पेज खोल दिया मेरी सुख और मेने झट से लेके लैपटॉप बंद कर दिया, उसको हल्का सा शक हुआ और मुझसे पूछने लगी की क्या पढ़ रहे थे ? मेने कहा कुछ नही सो जाओ कस के नीद आ रही हे और फिर वो सो गयी और मैं भी |बहुत देर के बाद मेरा हाथ खुद उसके कमर पे चला गया और मेने ध्यान दिया की उसने फिर मेरे हाथ को कमर से हटा के अपने चुच्चो पे रख दिया | वोदका का जादा ही सुको चड गया था पर मुझे काफी मज़ा आ रहा था की आज कुछ न तो कुछ पक्का मिलेगा मुझे | मैं उसके चुच्चो को दबाने लगा और उसकी साँसे तेज होने लग गयी थी मैं धीरे धीरे उसके चुच्चे और कस कस के दबाने लगा और फिर धीरे धीरे उसको चूमने की कोशिश की और फिर उसके गले पे और उसके कान पे मेने किस किया और वो मचल उठी | अब वो मुझे चूमने लगी और मेने उसका पूरा का पूरा साथ दिया |
उसने अब तक अपनी आँखे बंद रखी थी और अब उसने अपनी आँखे खोल दी और मुझे नशीली आँखों से देखने लगी | उसने अब मेरे होठो पे अपने होठ रख दिए और मेरे जीभ के साथ अपने जीभ को लादने लगी और मेरे जीभ को वो चूसने लगी, उसका होठ मीठा मीठा सा था और मुझे भी चूसने में मज़ा आ रहा था | मेने अब धीरे धीरे अपना हाथ उसके कमर पे रख दिया और उसकी नाइटी उपर करने लगा और फिर कुछ ही पलो में कमर के उपर उठा दिया, उसने अंदर गुलाबी रंग की पेंटी पेहेन रखी थी और में उसकी कामुक पेंटी को दख के उसे सूंघने लगा और कसम से दोस्तों उसकी पेंटी सूंघने में मुझे काफी मज़ा आ रहा था, उसकी पेंटी सूंघने के बाद मुझे काफी जोश आ गया और मेने उसकी पूरी नाइटी उतार दी और उसे मेने अब बस पेंटी और ब्रा में ही छोड़ दिया |मैं फिर उसके उपर लेट गया और उसके जिस्म को सूंघने लगा और उसके चुच्चो को मसलने लगा, उसके चुच्चे दबाने में मुझे काफी मज़ा आ रहा था की मेने उसकी  ब्रा को ही उतार दिया और उसके ब्रा उतारते ही उसके चुच्चे उछाल के बाहर आ गए |
मैं एक दम से उसपे टूट पड़ा और उसे काटने लगा और उसके मुह से अह्ह्ह्ह्ह्ह इस्स्स ओह्ह्ह्ह्ह माई गोड उफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह कर कर के आवाज़ करने लगी, और में उसके चुच्चो को चूसता रहा और फिर एक दम से निचे की तरफ गया और उसकी पेंटी भी उतार दी | मेने जब उसकी पेंटी उतारी तो देखा की गुलाबी पेंटी पे सफ़ेद सफ़ेद कुछ लगा हे और उसकी चुत पे भी वोही लगा था |उसकी चुत से अजीब सी महक आ रही थी और मेने उसे सूंघते हुए उसकी चुत पे मुह रख दिया जो की एक दम चिकनी और साफ़ थी और मुह रखते ही वो उछाल पड़ी और मेरा सर पकड़ के अपने चुत में दबाने लगी और फिर अचानक उसके मुह से वो बात निकली जो मेरे लंड के लिए होरलिक्स बन गया वो बोली, बेहेंचोद तू कितना खुश नसीब हे की बिना मेहनत के चिकनी चुत मिल रही हे तुझे और वो भी उसी लड़की के घर पे रात में, खा ले मेरी चुत को बना ले अपनी प्राइवेट रांड मुझे | इतना सुनते ही में उसकी चुत को अपने दातो से काटने लगा और चूसने लगा और करीब दस मिनट बाद उसने मेरे सर के बालो को पकड़ा और मुझे उपर की तरफ खीच और मुझे चूमने लगी और फिर कुछ देर के बाद मैं खड़ा हो गया और    मेने अपने कपडे उतार दिए और वो मेरे लंड को देख के झट से उठ के निचे बैठ गयी और मेरे लंड को अपने हाथो में लेके दबाने लगी |
थोड़े देर के दबाने के बाद मेने लंड लेके उसके मुह में डाल दिया और वो छोटे बच्चो की तरह उसे चूसने लगी और करीब पाँच मिनट के चूसने के बाद मेने उसे उठाया और  बिस्तर पे लेता दिया और एक तकिया लेके उसकी गांड के निचे रख दिया और अब उसकी चुत एक दम मेरे पास लंड के पास था, अब मेने सोचा की उसे थोडा तद्पौं तो मेने अपना लंड लिया और उसकी चुत पे रख के रगड़ने लगा और वो धीरे धीरे गर्म होती गयी और अंत में उसने अपने मुह से निकाल ही दिया और बोली बेहेंचोद फाड़ दे मेरी चुत दिखा दे अपनी मर्दानगी | इतना सुनते ही मेने अपना लंड लिया और चुत के छेद पे रखा और घुसेड इया और साली कस के चिल्ला उठी जोर से और चीख पड़ी  बोली साले लंड बाहर निकाल चुत फट गयी निकाल अपना लंड, पर मेने उसकी एक न सुनी और उसपे लेट गया और उसके होठो पे अपना होठ रख दिया और चूसने लगा और निचे से लंड को अंदर बाहर करते रहा | थोड़े देर के बाद उसकी चुत एक दम चिकनी हो गयी और मेरा लंड अब आराम से अंदर बाहर हो रहा था, और हम दोनों को अब भरपूर मज़ा आ रहा था | वो अब मेरे कान में धीरे धीरे बोल रही थी की साले कमीने इतना प्यार और मजेदार लंड कहा छुपा रखा था चोद मुझे और कस कस के चोद मुझे और बना से अपनी रांड |
मेने इतना सुना और अपनी गती बड़ा दी और फिर थोड़े देर के बाद महसूस हुआ की वो झड गयी पर मैं रुका नही और कस कस के उसे पेलता रहा और वो मुझे कस के पकड़ी रही और में शोट पे शोट देता रहा |थोड़े देर के बाद मुझे लगा की मेरा निकलने वला हे तो मेने उससे पलते हुए पूछा की बता कहा निकालूं चुत में या मुह में, और वो बोली चुत में नही राजा मुह में, और फिर मेने चुत से लंड निकाल के मुह के सामने लेके गया और फिर लंड हिलाने लगा और फिर कुछ ही पलो में मुठ निकल गया और मुठ उसके होठो से होता हुआ उसके नाक पे फिर उसके सर पे और फिर सर के उपर बिस्तर पे एक लम्भी लाइन बनाता हुआ गिर गया | उसने फिर एक प्यारी सी मुस्कान दी और फिर अपनी आँखे बंद कर ली | हूँ दोनों काफी थक चुके थे और फिर एक दूसरे के उपर नंगे लेट गए और एक दूसरे के उपर सो गए | करीब एक घंटे बाद उठे और फिर उसने मुझे किस किया और थैंक यु कहा और फिर चली गयी अपनी माँ के पास और वही सो गयी |अब इसके बाद जब भी हमे मोका मिलता हम सेक्स करते रहे और जब भी करते ऐसा करते जेसे जन्मो के प्यासे हे | उसके घर पे तब तक ही कर पाए जब तक सुका बाप नही आया और उसके बाप के आने के बाद अक्सर हमे ऑफिस में ही करना पड़ता था या फिर अपनी गाडी को ऑफिस से आते वक्त रस्ते में रोक के कर लेते थे |

मंगलवार, 9 अप्रैल 2013

लौड़ा कितना चौड़ा

लौड़ा कितना चौड़ा
लौड़ा चुसवानेमे आदमी लोगोंको बहुत मजा आता है| क्योंकि उनको उससे बड़ा सुगुण और समाधान मिलता है| लेकिन सभी औरोतोंको वो अच्छा लगताही है ऐसी बात नहीं है| इसीलिए उसने एक समाधान निकला.
कौश्यला बहुत जवान है और सुन्दर निलेश ने थान ली| अब उसको अपने घेरे में लेकर उससे ये चुस्वाने का कम करवाते है| फिर एक दिन निलेश ने मौका देखकर उसको अपने बाहोमे लिया और उनसे फिर चोकलेट कैंडी की तरह उसको चूसने लगी| निलेश को इतना मजा आ रहा था की बस वो तो ख़ुशी की मरे पागल ही हो रहा था| उसने फिर उसके साथ बहुत अच्छी तरह से लैंड चुसवाया और उसके साथ उसकी चुद चाटता रहा और फिर उसने उसके साथ सम्भोग किया.
निलेश को पहेली बार अपने लौड़े के बारेमे प्यार आया|

दबंग बड़ा लंड और गांव की छोरी की चिंता चिता

दबंग बड़ा लंड और गांव की छोरी की चिंता चिता
बेलन बाबा को उनके बड़ा लंड के लिए जाना जाता है। पाठको मै बता दूं कि मैं बेलन हूं जिसे हमारे मुहल्ले मे मेरे सामने सब बेलन बाबा और पीठ पीछे हरामी बेलना कहते हैं। खैर ये तो मेरा छोटा सा परिचय है। आईये मेरे दबंग लंड की कहानी सुनाएं। तो सुबह उठने के बाद मैं सीधा छत पर जाता हूं और अपनी तौलिया खोल देता हूं छत के चक्कर ल्गाने के दौरान जिस भी दिशा को देखकर मेरा बड़ा लंड खड़ा हो जाता है उसी दिशा में निकल कर एक चूत मारकर आता हूं। यह मेरी दिनचर्या है आपको अच्छी लग रही होगी।
तो उस सुबह जब मैं अपने लंबे लंड को कमर से बांधकर जीन डालकर बाहर निकला तो रास्ते में कम्मो आ रही थी। यह उसका अठारहवां साल था और अठारहवां साल चुदाई के लिए सबसे चुदासा होता है। इस साल में किसी लड़की को चोद दो तो उसकी जवानी सदा हरी भरी रहती है। कम्मो मेरे लंड की सीध मे आ चुकी थी तो मैने कहा “ कहा जा रही है तेरी गांड तो बहुत झटके मार रही है। कम्मो बोली अरे बेलन तेरे लंड के तो बहुत चर्चे सुने हैं क्या वो जीन्स के उपर से वही उभरा है या नकलि लंड लेके घूमता है साले? मै समझ गया कि मेरे लंड का प्रताप इसके चूत के कानो तक पहुच चुका है। मैने कहा देगी क्या आज तेरा बाप है घर पर? वो बोली है तो क्या हुआ तू तो दबंग है चल मेरे घर कुछ उपाय कर लेना।
मै कम्मो के घर गया और वहा उसका बाप मुझे देखते ही हाथ जोड़कर खड़ा हो गया बोला साहब के लिए चाय बना। मैने उससे कहा जा मेरे घर और मेरी गैस खत्म हो गई भरवा ला। वो फ़ौरन निकल गया। अब मैं और कम्मो।
कम्मो किचेन में चाय बना रही थी। मै सीधा पकड़ कर उसके चूतडो पर दांत गड़ा दिया। वह हल्के अहसास से मस्त हो गई। वह चाय बना रही थी और मै पीछे से खेल कर रहा था। मैने उसकी सलवार खोल दी और उसकी चड्ढी निकाल फ़ेकी। किचेन में सामने चीनी थी, उठाई और उसके चूत में डाल दी। चीनी घुसने से उसको खुरदरा अहसास हुआ मै नीचे बैठ कर जीभ डालकर उसके चूत में से चीनी का एक एक दाना निकालने लगा। वह पागल होने लगी। और चुदाई की भीख मांगने लगी
मैने उसे उठा कर गैस सिलिँडर के उपर बैठा दिया, उसके हाथ  मेरे गर्दन में फ़से थे और मैने उसकी टांग़े खोल दीं। वह तिलमिलाई और मैने अपना बड़ा लंड उसकी चूत पर हल्का रगड़ा और फ़िर अंदर ठेल दिया। यह उसकी पहली चुदाई थी। फ़चाक से उसके चूत से आवाज आई और उसकी हायमन झिल्ली फ़टी। वह चिल्लाई मार डाला रे। और मैने स्पीड पकड़ ली उसका चिलाना कम हुआ था। फ़िर उसे जमीन पर लिटा कर उसकी गांड में आधा लंड डालकर पेलता रहा क्योकि पूरा लंड उसे डाक्टर के पास पहुचा देता। फ़िर अपना वीर्य उसकी पीठ और गांड पर छिड़ककर मैं चला। मेरे दबंग बड़ा लंड से चुदकर क्वारी कम्मो अब चूत की रानी बन गई थी। मैने उसकी चिंता चिता कर दी थी

अपने लंड से चाची का बिस्तर गर्म किया

अपने लंड से चाची का बिस्तर गर्म किया
आज मैं आपको अपनी चाची की अपने तगड़े लंड से मजेदार चुदाई के बारे में बड़े अछे मुड में बता रहा हूँ क्यूंकि यही मेरी जिंदगी की सच्चाई भी है | मेरी चाही उन दिनों मेरे ही घर पर रहने को आई थी क्यूंकि मेरे चहका किसी काम के सिलसिले में विदेश को गए हुए थे और गहर पर मेरी माँ की अक्सर तबियत खराब रहा करती थी | मेरी उन दिनों तीसरे वर्षीय कॉलेज किक छुट्टियाँ चल रहीं थी और दिन मेरे पापा भी काम के सिलसिले में बहार ही रहा करते थे | मैं अब चाची के साथ ही अपना पूरा समय बात करते हुए बिता दिया करता था और हम दोनों अछे खासे घुल मिल भो जो चुके थे | चाची मुझसे सभी बातें दिल खोलकर बता दिया करती थी और मैं टुक – टुक कर सुनता ही रहा करता था |
मेरी चाची दिखने में एकदम गोरी थी और उनके नरम हाथ जब भी मेरे सर को सहलाया करते थे तो ऐसा लगता था जैसे की मेरी बीवी मालिश कर रही है | अब चाची के लिए मेरे अंदर हवस की भावना पनपने लगी थी और कभी कभार मैं उन्हें छूता गर्मी ले लेता था | जब मैं एक दिन चाची के साथ बात हुआ था तो चची मुझसे बतियाते हुए मुझे इतनी भा गयी की मेरी नज़र उनके होंठों पर ही लगी हुई थी | चाची भी पहचान गयी की मेरे शैतानी दिमाक में क्या चल रहा और बड़े ही नटखट अंदाज़ में अपने होंठों को मिस्मिसाने लगी | मैं एक दम चहकी को अपनी बाहों में लेकर उनके होंठों को चूसने लगा और उन्होंने भी गर्माहट लेटे हुए लम्भी सांस ले ली थी |
मैं अब चाची के चुचों को थामते हुए से दबाने लगा जिसपर चाची ने कहा,  काश तेरे चाचा ने मेरी भावना को समझा होता. . !!! पर तु हैं न मेरे राजा बेटे . . .!! मेरे अंदर अब चुदाई का भुत सवार हो रहा था और मैं चाची से लिपटे हुए उनके होंठों को चूस रहा था और वो भी मुझे पूरा सहयोग कर रह थी | कुछ देर में मैंने भी अब चाची  को बिस्तर पर लिटा लिया हुए उनके कपड़ों को खोलने लगा और पलभर में नंगी कर उनके उप्पर चड गया और उनके चुचों को दबाते हुए चूचकों के साथ खेलते हुए उन्हें पिने लगा | अब तकमेरा लंड भी लंड चुदाई के लिए तडपा जा रहा था और मैंने भी समय न गंवाते हुए उनकी चुत को भी मसलते हुए लंड को रगड़ते आगे – पीछे करना शुरू कर दिया |
चाची  भी मज़े में मेरे लंड को लिए जा रही थी अंदर चुत में लिए जा रही थी जिसपर मैंने अब लैंड को पूरी तेज रफ़्तार में चाची की चुत में छोडना चालू कर दिया था | कुछ देर में मैं नीचे लेट गया और मैंने चाची को अपने लंड पर बेअठने को कहा, जहां मैंने नीचे से अपने लंड को उनकी चुत में दिए जा रहा था और चची मेरे लंड के उप्पर आह्ह्ह अहहह मेरे राजा बेटा. . .!! कहकर उछल रही थी | चची की बेतहाशा निकलती सिस्कारियों के सामने मैं ज्यादा देर न टिक सका और जल्द ही अपनी अंतिम सीमा पर पहुँचते हुए झड गया | अब मेरी चाची और मेरे बीच शारीरिक सम्बन्ध जुड चुके थे और खेने के लिए चाची के का पति मेरा चाचा होगा पर सुहागरात भतीजा यानी मैं बनाता था |

मीठी चूत पान वाली लड़की की

मीठी चूत पान वाली लड़की की
आज मैं आपको एक पान वाले की सुन्दर लड़की की चूत चुदाई की कहानी सुनाने जा रहा हूँ जो मेरे ही मौहल्ले में कभी कभार अपने बाप के कहने पर पान बेच दिया करती थी | मैं पान खाने का कुछ ज्यादा ही शौक़ीन था पर जबसे उस लड़की से मिला तो मैं चूत मरने का भी कुछ ज्यादा ही शौक़ीन हो गया था | मैं उन दिनों शहर में नया आया हुआ था इसीलिए किराए के मकान में अकेला रहा करता था | दोस्तों उस दिन जब मैं उस पान वाली के पास खाने गया तो उसने झुककर मुझे पान बनाकर दिया और मैंने उसके चुचों के बीच के गलियारे को देखता रह गया और मन किया की उसके चुचों को भींच लूँ आगे बढ़कर |
मेरा मन नहीं मान रहा था तभी मैंने उसे कहा की मेरे घर आ जायो कुछ १० पान लेकर जहाँ कुछ और मेहमान को भी चाहिए जिसपर उसने ज्यादा पैसों की बता कहीं और मैं मान गया | अगले एक घंटे के बाद जब वो घर पहुंची तो मैंने उसका हाथ थाम लिया और कहा देख जानेमन . . अगर आज तुने मुझे खुश कर दिया तो जितने पैसे मांगेगी उतने दूँगा . .!! मेरा इतने ही कहता वो कुछ न बोली और मैंने तभी उत्तेजित होते हुए उसके चुचों को भींचता हुआ मस्त में चुचों को चूसने लगा | धीरे – धीरे उसे भी खूब मज़ा आने लगा था और मैंने जल्दी से ही उसके पुरे कपड़े भी उतार दिए | मैंने उसके नंगे चुचों को मैं मस्त में चूसने लगा और वो भी अब बिलकुल मस्त में अपनी चूत को सलवार पर से ही मसलने लगी |
मैं भी अब नंगा हो चला और अपने लंड को भी निकाल लिया | उसकी पैंटी हटाकर मैंने उसकी चूत नंगी कर डाली  चूत में ऊँगली करने लगा और अपने लंड को उसकी चूत में आगे – पीछे करना शुरू कर दिया जिसपर वो कसके सिसकियाँ ले रही थी और साथ ही मुझसे सहयोग कर रही थी | मैं उसकी  चूत के मज़े में खोते हुए वहीँ उसे आराम से चोदता हुआ उसके उप्पर चड गया | मैं पहली पहली पारी ज्यादा देर न टिक पाया और जल्द ही झड गया | कुछ देर बाद मैंने उसे सामने लिटाया और उसकी चूत में ऊँगलीबाज़ी करने के मैंने फिर उसकी दोनों टांगों को अपने कंधे तक पहुंचाते हुए उसकी चूत को पेलना शुरू कर दिया था |
हम दोनों को मज़ा आ रहा था जिस वक्त वो कभी आहह आह्ह्ह करके चिल्लाती तोकभी ज़ोरों की सिसकियों से मुझे और बढ़ावा दे डालती | मुझे नहीं पता था की पान वाली लड़की की चूत पान से मीठी होती है | अब मैं रोज उसे कुछ पैसे देता और अपने घर बुलाकर ३ – ४ घंटे किसी रंडी की तरह चोदता | उसकी मटकीली गांड मेरे ही कारण दिन पे दिन फूलती जा रही थी और अब तो उसके अंदर मुझसे ज्यादा सेक्स की तमन्ना भरने लगी | एक समय अब ऐसा आ गया है की वो ज़बरदस्ती अपनी चूत की आग बजाने के लिए मुझे याद करती है |

वैधानिक चेतावनी

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