ये कहानी है जगत और गौरी की| जगत और गौरी कॉलेज में पढ़ रहे है|
जगत था गाव का लड़का और गौरी एक शहर्वाली लड़की
एक दुसरेके साथ वक्त बिताना पसंद है| देखते ही देखते उन दोनों में दोस्ती गहरी होती गयी और
फिर वो दिन आ गया जब गौरी ने पहेली बार जगत को वो तिन सुनहरे शब्द बोल दिए|
आय लव यु| फिर क्या जगत तो पहेले तो बहुत खुश हो गया लेकिन …… उसको
थोडा दर लगा क्योंकि ये शहर वाली गौरी गाव में जाकर बसने के लिए तैयार होगी
या नहीं|
लेकिन गौरी के सर पर तो प्यार का भुत सवार था| उसका प्यार सच्चा था उसने
उसको अपने बदन को चुनेसे कभी रोका नहीं| उसको वो खुद ही आलिंगन देती थी
और उसके माथे को चूमती थी|
लेकिन आज तो उसने हद ही कर दी जगत के हात में अपने दोनों स्तन तो दिया और
बोली राजा ये तो तेरे लिए कबसे प्यासे है| बस जगत के भी सब्र टूट गया और
उसने उसको कसके पकड़ा और उसके स्तन को मसलने लगा, फिर ऊपर से ही उनको
चूमने की कोशिश करने लगा| फिर गौरी और आगे बढ़ी और उसका लैंड पकड़कर सहेलाने लगी
अब तो उसका पूरा सब्र ख़तम हुआ और उसने गौरी को लिटा दिया और उसकी पुच्ची को चटाने लगा
और थोड़ी ही देर में उसके अन्दर अपना 8 इंच लैंड धड़केसे घुसा दिया| फिर आआआआआ…….
ऊऊऊऊ…………मर गयी गौरी आवाज निकलने लगी| लेकिन अब जगत सुननेवाला नहीं था वो तो घुसते ही
गया और घुसते ही गया|
इस प्रकार कुदरत अपने ही अजब और गजब कारनामोंसे दुनियाको सप्तरंग देती है|
जगत था गाव का लड़का और गौरी एक शहर्वाली लड़की
एक दुसरेके साथ वक्त बिताना पसंद है| देखते ही देखते उन दोनों में दोस्ती गहरी होती गयी और
फिर वो दिन आ गया जब गौरी ने पहेली बार जगत को वो तिन सुनहरे शब्द बोल दिए|
आय लव यु| फिर क्या जगत तो पहेले तो बहुत खुश हो गया लेकिन …… उसको
थोडा दर लगा क्योंकि ये शहर वाली गौरी गाव में जाकर बसने के लिए तैयार होगी
या नहीं|
लेकिन गौरी के सर पर तो प्यार का भुत सवार था| उसका प्यार सच्चा था उसने
उसको अपने बदन को चुनेसे कभी रोका नहीं| उसको वो खुद ही आलिंगन देती थी
और उसके माथे को चूमती थी|
लेकिन आज तो उसने हद ही कर दी जगत के हात में अपने दोनों स्तन तो दिया और
बोली राजा ये तो तेरे लिए कबसे प्यासे है| बस जगत के भी सब्र टूट गया और
उसने उसको कसके पकड़ा और उसके स्तन को मसलने लगा, फिर ऊपर से ही उनको
चूमने की कोशिश करने लगा| फिर गौरी और आगे बढ़ी और उसका लैंड पकड़कर सहेलाने लगी
अब तो उसका पूरा सब्र ख़तम हुआ और उसने गौरी को लिटा दिया और उसकी पुच्ची को चटाने लगा
और थोड़ी ही देर में उसके अन्दर अपना 8 इंच लैंड धड़केसे घुसा दिया| फिर आआआआआ…….
ऊऊऊऊ…………मर गयी गौरी आवाज निकलने लगी| लेकिन अब जगत सुननेवाला नहीं था वो तो घुसते ही
गया और घुसते ही गया|
इस प्रकार कुदरत अपने ही अजब और गजब कारनामोंसे दुनियाको सप्तरंग देती है|
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